बैंक खातों पर AI का खतरा, सरकार ने जारी किया अलर्ट, घबराइए नहीं
AI Cyber Attack: साइबर खतरों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ अहम बैठक बुलाई, जिसमें कई बड़े बैंकों के प्रमुख शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य साइबर खतरा ही था।
- Written By: सिमरन सिंह
nirmala sitharaman and ashwini vaishnaw (Source. Social Media/X)
Cyber Attack: देश में तेजी से बढ़ते साइबर खतरों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें कई बड़े बैंकों के प्रमुख शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एंथ्रोपिक के क्लॉड माइथोस AI मॉडल से जुड़े संभावित साइबर सुरक्षा खतरों को समझना था।
वित्त मंत्रालय ने इस खतरे को सामान्य नहीं बल्कि अभूतपूर्व बताया है। बैठक में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे। सरकार का साफ कहना है कि इस नए खतरे से निपटने के लिए अधिक सतर्कता, मजबूत तैयारी और सभी संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
क्या है क्लॉड माइथोस AI, क्यों बढ़ी चिंता
क्लॉड माइथोस को एंथ्रोपिक का अब तक का सबसे पावरफुल AI मॉडल माना जा रहा है। कंपनी के अनुसार, यह साइबर सुरक्षा में इतना एडवांस है कि इसे आम लोगों के लिए जारी नहीं किया जा सकता।
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बताया गया है कि इस AI ने हजारों ऐसी सिक्योरिटी कमजोरियों को ढूंढ निकाला है, जिन्हें इंसान सालों तक नहीं पकड़ पाए। इनमें कुछ कमजोरियां 27 साल पुरानी भी हैं, जो बड़े ऑपरेटिंग सिस्टम और वेब ब्राउजर में मौजूद थीं। ऐसे में अगर यह तकनीक गलत हाथों में चली जाए, तो इसका इस्तेमाल बड़े साइबर हमलों के लिए किया जा सकता है।
सीमित एक्सेस के बावजूद खतरा क्यों बना हुआ है
हालांकि, एंथ्रोपिक ने इस AI की पहुंच फिलहाल केवल चुनिंदा कंपनियों तक सीमित रखी है, जिनमें Amazon, Microsoft और Google शामिल हैं। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ अनधिकृत यूजर्स भी इस सिस्टम तक पहुंच बनाने में सफल हुए हैं। यही सबसे बड़ी चिंता की वजह है, क्योंकि इससे साइबर सुरक्षा की कमजोरियों का गलत फायदा उठाया जा सकता है।
Union Minister for Finance and Corporate Affairs Smt. @nsitharaman today chaired a high-level meeting, along with Union Minister for Electronics and Information Technology, Railways and I&B Shri @AshwiniVaishnaw, with Scheduled Commercial Banks and key stakeholders to assess the… pic.twitter.com/TrQrDCkMKE — Ministry of Finance (@FinMinIndia) April 23, 2026
दुनिया भी अलर्ट, सिर्फ भारत नहीं
यह खतरा केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका सरकार भी इस AI मॉडल को लेकर सतर्क हो गई है और उसने वॉल स्ट्रीट के बैंकों के साथ चर्चा की है। इतना ही नहीं, The White House भी इस तकनीक के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है, ताकि साइबर सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
भारत की तैयारी: बैंकिंग सिस्टम को किया जा रहा मजबूत
भारत सरकार इस खतरे से निपटने के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य साइबर हमलों की समय रहते पहचान करना और तुरंत कार्रवाई करना है। बैठक में वित्त मंत्री ने बैंकों को अपने IT सिस्टम मजबूत करने और ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, रियल-टाइम में खतरे की जानकारी साझा करने पर जोर दिया गया।
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मिलकर काम करने पर जोर
वित्त मंत्रालय ने बैंकों, Indian Computer Emergency Response Team और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की सलाह दी है। इसके अलावा, Indian Banks’ Association को भी ऐसा सिस्टम तैयार करने को कहा गया है, जो किसी भी साइबर खतरे के समय तुरंत प्रतिक्रिया दे सके।
RBI और सरकार कर रहे हैं गहराई से जांच
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और Reserve Bank of India इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि क्लॉड माइथोस AI से भारतीय वित्तीय क्षेत्र को कितना खतरा हो सकता है। आने वाले समय में इस पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
