AI लोगों की नौकरी छीनने का जरिया नहीं बनना चाहिए, भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार की बड़ी चेतावनी
AI Security: AI आज हर क्षेत्र में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। जिसमें अब बैंकिंग से लेकर हेल्थकेयर और शिक्षा तक AI काम करने के तरीके बदल रहा है। लेकिन इसके जितने फायदा है उतना ही नुकसान है।
- Written By: सिमरन सिंह
V. Anantha Nageswaran (Source. Social Media)
AI Jobs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज हर क्षेत्र में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। जिसमें अब बैंकिंग से लेकर हेल्थकेयर और शिक्षा तक AI काम करने के तरीके बदल रहा है। लेकिन जितनी तेजी से इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है उतनी ही तेजी से इससे जुड़े सुरक्षा और नैतिकता के सवाल भी सामने आ रहे हैं। इसी बीच भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने AI को लेकर अहम चेतावनी दी है। उनका कहना है कि भारत को खासकर फाइनेंशियल सेक्टर में AI की सुरक्षा और बचाव को लेकर अधिक सक्रिय होने की जरूरत है ताकि तकनीक का लाभ तो मिले लेकिन उससे जुड़े जोखिमों को भी समय रहते रोका जा सके।
सुरक्षा के लालच में फायदे नहीं, संतुलन जरूरी
बता दें कि नई दिल्ली में आयोजित ASSOCHAM के तीसरे फिनटेक फेस्टिवल के दौरान मास्टरकार्ड के साउथ एशिया डिवीजन प्रेसिडेंट और इंडिया कंट्री कॉर्पोरेट ऑफिसर गौतम अग्रवाल के साथ बातचीत में नागेश्वरन ने कहा, “हमें AI की सुरक्षा और बचाव के मामले में बहुत एक्टिव रहना होगा। मुझे लगता है कि अभी भारतीय और वैश्विक दोनों नजरियों से सुरक्षा और बचाव पर ध्यान देना जरूरी है क्योंकि टेक्नोलॉजी से मिलने वाले फायदों के लालच में हमें वह नहीं खोना चाहिए जो हमारे पास पहले से है।” इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि AI आधारित सिस्टम में इंसानों की भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं होनी चाहिए। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में मानवीय निगरानी और जवाबदेही बनाए रखना बेहद जरूरी है।
बैंकिंग सेक्टर में AI बनेगा बड़ा सहायक
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने इसको लेकर कहा कि AI बैंक और वित्तीय संस्थानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। इसकी मदद से बैंक यह बेहतर तरीके से आकलन कर सकेंगे कि किस ग्राहक को लोन देना सुरक्षित होगा और किन मामलों में डिफॉल्ट की आशंका अधिक है। इससे वित्तीय जोखिमों की पहचान पहले ही की जा सकेगी और नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि AI का इस्तेमाल केवल दक्षता बढ़ाने तक सीमित रहना चाहिए न कि कर्मचारियों की जगह लेने के लिए।
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AI भेदभाव या नौकरी छीनने का माध्यम नहीं बनना चाहिए
इस मामले पर नागेश्वरन ने कहा कि यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि AI किसी व्यक्ति को अवसरों से वंचित करने, भेदभाव करने या लोगों को नौकरी से बाहर करने का माध्यम न बने। उनका मानना है कि आने वाले दो दशक भारत के लिए पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होंगे और ऐसे समय में सरकार व निजी क्षेत्र दोनों को तकनीक के साथ जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि AI भविष्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बन सकता है लेकिन इसके लिए मजबूत सुरक्षा ढांचा, पारदर्शी नियम और इंसानी निगरानी को समान महत्व देना होगा।
