Grok AI Iran Strike Prediction (Source. Design)
Elon Musk Grok AI Prediction: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक सनसनीखेज दावा तेजी से वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है कि अरबों डॉलर की रक्षा एजेंसियां जो नहीं भांप सकीं, वह काम एलन मस्क के AI चैटबॉट Grok ने कर दिखाया। दावा यह है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले की सटीक तारीख Grok ने पहले ही बता दी थी। लेकिन क्या सच में कोई AI भविष्य देख सकता है? आइए जानते हैं इस वायरल दावे की असली कहानी।
28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Grok के कुछ स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल होने लगे। इन स्क्रीनशॉट्स में दिखाया गया कि Grok ने पहले ही 28 फरवरी, शनिवार को हमले की संभावना जताई थी। लोग इसे “AI की भविष्यवाणी” बताने लगे। इसी बीच एलन मस्क ने भी चुटकी लेते हुए कहा कि “भविष्य की भविष्यवाणी करना ही बुद्धिमानी की सबसे बड़ी कसौटी है।”
दरअसल, यह कोई रहस्यमयी शक्ति नहीं बल्कि एक मीडिया टेस्ट का हिस्सा था। 25 फरवरी को The Jerusalem Post ने एक प्रयोग किया। उन्होंने चार बड़े AI चैटबॉट्स Grok, ChatGPT, Gemini और Claude से पूछा कि “ईरान पर संभावित हमले की सबसे सटीक तारीख क्या हो सकती है?” शुरुआत में सभी AI ने मना कर दिया। लेकिन जब हालिया घटनाओं और उपलब्ध डेटा के आधार पर अनुमान लगाने को कहा गया, तो Grok ने जिनेवा में चल रही कूटनीतिक वार्ताओं और बढ़ते तनाव को आधार बनाकर 28 फरवरी की तारीख बताई। बाकी AI मॉडल्स ने मार्च के पहले सप्ताह का अनुमान लगाया था।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कोई भविष्यवाणी नहीं बल्कि डेटा आधारित अनुमान था। AI के पास सैन्य गोपनीय जानकारी तक पहुंच नहीं होती। जैसे क्रिकेट मैच से पहले लोग संभावनाएं जताते हैं, वैसे ही Grok ने इंटरनेट पर उपलब्ध खबरों और पैटर्न को देखकर तारीख चुनी। संयोग से वह सही निकली।
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एलन मस्क की कंपनी xAI के लिए यह घटना ब्रांडिंग का बड़ा अवसर बन गई। हालांकि Grok पहले भी गलत जानकारी और विवादित दावों को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। इसलिए विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि AI भविष्य नहीं देख सकता, वह सिर्फ पैटर्न पहचानता है।
फिलहाल ऐसी कोई तकनीक मौजूद नहीं है जो भविष्य को निश्चित रूप से देख सके। AI केवल उपलब्ध डेटा का विश्लेषण करता है और संभावनाएं बताता है। ईरान-इजरायल तनाव पहले से बढ़ रहा था, ऐसे में अनुभवी विश्लेषक भी हमले की संभावना जता रहे थे। Grok ने बस उसी डेटा को तेजी से प्रोसेस किया।