Gram Panchayats (Source. X)
Gram Panchayat Weather: भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से जलवायु परिवर्तन और आपदाओं से लड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा चुका है। हाई-रेजोल्यूशन वेदर फोरकास्टिंग अब लगभग हर ग्राम पंचायत तक पहुंच रही है, जिससे गांवों में रहने वाले किसानों और आम नागरिकों को समय रहते सटीक जानकारी मिल सकेगी।
मई 2025 में लॉन्च हुआ ‘भारत फोरकास्टिंग सिस्टम’ 6 किलोमीटर रेजोल्यूशन के साथ अत्याधुनिक मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध करा रहा है। इसका मतलब है कि अब मौसम की जानकारी सिर्फ जिला या राज्य स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचेगी। इससे किसानों को बुवाई, सिंचाई और फसल कटाई के फैसले लेने में बड़ी मदद मिलेगी। अचानक बारिश, ओलावृष्टि या तेज हवाओं जैसी परिस्थितियों से पहले ही चेतावनी मिल सकेगी।
भारत AI तकनीक के जरिए जलवायु जोखिम प्रबंधन को भी सशक्त बना रहा है। समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी की निगरानी से लेकर चक्रवात की सटीक भविष्यवाणी तक, आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। Advanced Dvorak Technique के जरिए चक्रवात की तीव्रता और दिशा का अधिक सटीक अनुमान लगाया जा रहा है। इससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद मिलेगी और जान-माल का नुकसान कम होगा।
भारत ने ग्लोबल साउथ में पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन आयोजित कर यह संदेश दिया है कि तकनीक का उपयोग केवल विकास के लिए नहीं, बल्कि मानवता और पर्यावरण की रक्षा के लिए भी होना चाहिए। यह पहल तीन स्तंभों People, Planet और Progress पर आधारित है, जो समावेशी और सतत विकास को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
AI आधारित मॉडल न केवल मौसम का सटीक विश्लेषण कर रहे हैं, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और आपदा से पहले तैयारी सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI के माध्यम से भारत जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है।
ये भी पढ़े: अब दुनिया को भी देगा भारत AI की ताकत! इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में गूंजा डिजिटल आत्मनिर्भरता का संदेश
AI की ताकत से भारत अब गांव-गांव तक मौसम की सटीक जानकारी, बेहतर आपदा प्रबंधन और जलवायु सुरक्षा का मजबूत तंत्र तैयार कर रहा है। यह कदम न केवल आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को भी नई दिशा देगा।