लखनऊ: यूपी (UP) के सभी अस्पतालों (Hospitals)और मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) में मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करते हुए सभी स्थानों पर अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और विद्युत सुरक्षा तंत्र को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सोमवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा तंत्र की विस्तृत भौतिक समीक्षा की जाए। जहां भी आवश्यक हो, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए सिस्टम को अपडेट किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार ने गर्मियों के बीच आग की घटनाओं को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं, जिसमें ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का उपयोग करने से लेकर सभी तहसीलों में फायर टेंडर सुविधा का प्रावधान सुनिश्चित करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि एकीकृत कमान नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) ने कोविड-19 प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। अब इन केन्द्रों का उपयोग अग्नि सुरक्षा प्रबंधन पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के लिए किया जा रहा है, ताकि किसी भी कमी या गड़बड़ी की स्थिति में सिस्टम को तत्काल प्रभाव से ठीक किया जा सके। प्रत्येक जिले में कार्यरत ये केंद्र प्राकृतिक आपदाओं जैसे गर्मी की लहरों, बाढ़ आदि के मामलों में भी लोगों को राहत दे रहे हैं।
सभी अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों में अग्निशमन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाए, जिससे अग्नि की घटनाओं से कोई क्षति न होने पाए।फसलों में आग लगने की दुःखद घटनाओं की भी जानकारी मिल रही है।
साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार सभी तहसीलों में फायर टेंडर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का काम भी कर रही है। इससे न केवल राज्य में अग्निशमन और बचाव सेवा बलों को पर्याप्त बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ऐसी घटनाओं को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री द्वारा जारी निर्देशों के अनुसरण में ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन रेस्पोंस समय को भी घटाकर 15 मिनट और शहरी क्षेत्रों में 7 मिनट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने आग से फसल के नुकसान की घटनाओं पर भी नजर रखने और सभी दमकल केंद्रों को ठीक से काम करने के लिए कहा है।
Take precautionary measures against outbreak of fire cm yogi