आचार संहिता की वजह से अटकी कैशलेस अस्पताल में निःशुल्क इलाज की सुविधा
विनोद मिश्रा@नवभारत
मीरा-भायंदर: शहर के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के गंभीर और जटिल बीमारियों के मुफ्त इलाज तथा शस्त्र क्रिया के लिए निर्मित एकमात्र कैशलेस” मातोश्री इंदिराबाई बाबूराव सरनाईक “अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए अभी इंतजार करना होगा। इस अस्पताल को महात्मा ज्योतिबा फुले योजना में समाविष्ट करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा गया था, लेकिन इसी दौरान लोकसभा चुनाव 2024 की आचार संहिता लागू हो जाने से यह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका और निर्णय प्रलंबित रह गया है। जबकि फरवरी माह में ही राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हाथों इस अस्पताल का भव्य उद्घाटन किया गया था। प्रत्यक्ष में अभी अस्पताल बंद है और मरीजों को कैशलेस उपचार की सुविधा के लिए आचार संहिता खत्म होने और महात्मा ज्योतिबा फुले योजना में समाविष्ट किए जाने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने तक इंतजार करना होगा। पूर्ण क्षमता से इस अस्पताल के शुरू होने के बाद मीरा-भायंदर और वसई-विरार तक के गरीब मरीज इस अस्पताल में कैशलेस उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
बता दें कि दहिसर चेकनाका के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भारत रत्न लता मंगेशकर नाट्यगृह के पास 100 बेड की 4 मंजिली अस्पताल की इमारत बिल्डर ने कंस्ट्रक्शन टीडीआर के बदले निर्मित कर मीरा-भायंदर मनपा को दी है। राज्य सरकार के महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना अंतर्गत इस अस्पताल को संचालित किए जाने की योजना है। इस कैशलेस अस्पताल में पीले और केसरी रंग के राशन कार्ड धारकों के सभी उपचार मुफ्त में किए जायेंगे। जिसमें ओपन हार्ट सर्जरी और कैंसर जैसे महंगे उपचारों का भी समावेश होगा। इस अस्पताल का नामकरण ” मातोश्री इंदिराबाई बाबूराव सरनाईक हॉस्पिटल” रखा गया है। इस अस्पताल में सभी अत्याधुनिक उपकरण और मशीन खरीदने के लिए सरनाईक ने मुख्यमंत्री शिंदे से 25 करोड़ रुपए की निधी मंजूर कर लाई थी. इसमें मनपा की निधि खर्च नहीं हुआ है।
मातोश्री इंदिराबाई बाबुराव सरनाईक हॉस्पिटल में आयसीयू, पोस्ट ऑपरेटिव्ह आयसीयू, एसी जनरल बेड और कॅज्युअल्टी बेड सहित 100 बेड की सुविधा होगी। सभी पीले और केसरी रंग के राशन कार्ड धारकों को मुफ्त ओपीडी सेवा, रक्त जांच की (हेमॅटोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री टेस्ट), ईसीजी, सोनोग्राफी, 2 डी इको टेस्ट, होल्टर, पीएफटी, एक्सरे, केयूव्ही, सीटी स्कॅन स्क्रीनिंग की मुफ्त सुविधा होगी। इसके अलावा सभी प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया था। इस संबंध में मनपा प्रशासन का कहना है कि लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में लागू आचार संहिता के कारण संबंधित विभाग का निर्णय प्रतिबंधित रह गया है, आचार संहिता समाप्त होने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर अस्पताल नागरिकों के इलाज के लिए खुलने की संभावना है।
प्रताप सरनाईक (विधायक, ओवला माजीवाड़ा विधानसभा) ने बताया, इस अस्पताल का उद्घाटन फरवरी माह में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया था। उसके बाद इस अस्पताल के पूरी क्षमता से शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन यह अस्पताल मुफ्त और कैशलेस सुविधाएं प्रदान करने वाली महात्मा ज्योतिबा फुले योजना में शामिल नहीं हो सकी है, इसलिए यहां मरीजों का इलाज शुरू नहीं किया गया है। अस्पताल का प्रस्ताव सरकार को सौंपा गया था और इसे अप्रैल की शुरुआत में मंजूरी मिल जाने की उम्मीद थी। आचार संहिता समाप्त होने पर इस अस्पताल को योजना में समाविष्ट कर इसे शुरू की जाएगी।