भारत ने रचा इतिहास, वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश टीम चैंपियनशिप में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीता

World Junior Squash 2026: वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश टीम चैंपियनशिप में भारतीय पुरुष टीम ने लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा दिया है। सेमीफाइनल में अमेरिका से 0-2 से भारतीय टीम हार गई।
India makes history, winning the bronze medal for the second consecutive time at the World Junior Squash Team Championship.
वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश टीम (सोर्स- सोशल मीडिया)
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India Wins Bronze World Junior Squash Championship: भारत की पुरुष स्क्वॉश टीम ने विश्व जूनियर टीम चैंपियनशिप में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को अमेरिका के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस पुरुष सेमीफाइनल मुकाबले में भारत के शौर्य बावा को एलेक्जेंडर शेरीडन से और गुरवीर सिंह को जैक टैगलियारिनी से कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा।

वहीं दूसरी ओर भारतीय महिला टीम की बात करें तो, उसे क्वार्टरफाइनल में ही अमेरिका के सामने हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद भारतीय महिला टीम अपना खेल आगे जारी नहीं रख पाई और टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

गुरवीर सिंह ने की शुरुआत

भारतीय टीम के लिए पहला मुकाबला गुरवीर सिंह ने खेला। उनका सामना अमेरिका के ब्रेंडन टैगलियारिनी से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन आखिर में गुरवीर 7-11, 12-10, 9-11, 7-11 से हार गए। इसके बाद भारत के शीर्ष खिलाड़ी आर्यवीर देवान पर टीम को बराबरी दिलाने की जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्हें यासीन शलाबी के खिलाफ 5-11, 7-11, 5-11 से हार झेलनी पड़ी। इसी के साथ अमेरिका ने मुकाबला 2-0 से जीतकर फाइनल में जगह बना ली।

भारत का लगातार दूसरा ब्रांज

भारतीय पुरुष टीम का ये लगातार दूसरा कांस्य पदक है। इससे पहले भी टीम ने पिछले 2025 के संस्करण में तीसरे स्थान पर रहते हुए पदक जीता था। पहली बार ऐसा हुआ है जब भारत ने विश्व जूनियर टीम स्क्वॉश चैंपियनशिप में लगातार दो संस्करणों में पदक अपने नाम किया है।

सेमीफाइनल के पहले मुकाबले में अमेरिका के ब्रेंडन टैगलियारिनी ने शानदार वापसी करते हुए गुरवीर सिंह को हराया। ये मुकाबला उनके लिए और भी खास रहा क्योंकि उसी दिन उनका 17वां जन्मदिन था। उन्होंने 11-7, 9-11, 6-11, 11-7, 11-3 से जीत दर्ज कर अमेरिका को शुरुआती बढ़त दिलाई।

गुरवीर ने टैगलियारिनी को किया मजबूर

जीत के बाद टैगलियारिनी ने कहा, 'मैंने पूरी ताकत लगाई और गुरवीर सिंह ने मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के लिए मजबूर किया। मैं खुद से लगातार कहता रहा कि मैं ये कर सकता हूं। मेरे कोच निक टेलर ने भी पूरे मैच में मेरा हौसला बढ़ाया। टीम के लिए ये जीत हासिल करना मेरे लिए बेहद खास है।'

भारत बेहद मजबूत टीम है - शलाबी

दूसरे मुकाबले में यासीन शलाबी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और सीधे तीन गेम जीतकर अमेरिका की फाइनल की टिकट पक्की कर दी। मैच के बाद शलाबी ने कहा, 'भारत बेहद मजबूत टीम है। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में इंग्लैंड जैसी टीम को हराया था और साबित किया कि वे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल हैं। ये जीत अपने साथियों के साथ हासिल करना शानदार एहसास है। हम सभी एक-दूसरे का पूरा साथ देते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।'

अब फाइनल में अमेरिका का सामना मौजूदा चैंपियन मिस्र से होगा। ये लगातार दूसरा मौका होगा जब दोनों टीमें विश्व जूनियर स्क्वॉश टीम चैंपियनशिप के फाइनल में आमने-सामने होंगी। मिस्र ने दूसरे सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।

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