

Rohit Sharma Emotional Message On Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। करीब दो दशक तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी। उनके संन्यास के बाद क्रिकेट जगत से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में भारत के मौजूदा कप्तान रोहित शर्मा ने भी उन्हें खास अंदाज में विदाई दी।
रोहित शर्मा ने सामाजिक माध्यम 'एक्स' पर रहाणे के लिए भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा, 'हमने कई साल एक साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है और मैं जानता हूं कि तुमने अपनी हर उपलब्धि के लिए कितनी मेहनत की है। तुम्हारा समर्पण और पेशेवर रवैया हमेशा तुम्हें सबसे अलग बनाता रहा। शानदार करियर के लिए बधाई और भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं।'
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 38.46 रहा। एकदिवसीय क्रिकेट में उन्होंने 90 मुकाबलों में 2,962 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, 20 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में उन्होंने 375 रन बनाए और एक अर्धशतक भी लगाया।
कप्तान के रूप में भी रहाणे का रिकॉर्ड शानदार रहा। उन्होंने भारत की कप्तानी में छह टेस्ट मैच खेले, जिनमें चार में जीत और दो मुकाबले ड्रॉ रहे। पांच या उससे अधिक टेस्ट में कप्तानी करने वाले भारतीय कप्तानों में उनका जीत प्रतिशत सबसे बेहतर रहा। रहाणे की कप्तानी का सबसे यादगार पल 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रही।
एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर सिमटने के बाद उन्होंने टीम इंडिया को शानदार वापसी कराई। उनकी कप्तानी में भारत ने मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट जीता और फिर गाबा में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ऑस्ट्रेलिया की लंबे समय से चली आ रही अजेय श्रृंखला को समाप्त करते हुए सीरीज अपने नाम की। इसके अलावा 2017 में धर्मशाला टेस्ट में भी उनकी कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की थी।
अजिंक्य रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया है। हालांकि, उनके योगदान और यादगार पारियां लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेंगी। मैदान पर भले ही उनके इस ऐतिहासिक सफर पर विराम लग गया हो, लेकिन क्रिकेट की नई पीढ़ी हमेशा उनके धैर्य और कप्तानी के हुनर से सीख लेती रहेगी।