वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में खिताब बचाने उतरेंगे नीरज चोपड़ा, टोक्यो में होगा मुकाबला
Neeraj Chopra: नीरज चोपड़ा वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत का नेतृत्व करेंगे। वह लगातार दूसरा स्वर्ण जीतने और इतिहास रचने की कोशिश करेंगे। क्वालिफाइंग राउंड 17 सितंबर को होगा।
- Written By: उज्जवल सिन्हा
नीरज चोपड़ा (फोटो-सोशल मीडिया)
Neeraj Chopra: भारत के स्टार एथलीट एवं ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा शनिवार से जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे। वह देश की उम्मीदों पर खरा उतरने के साथ लगातार दो स्वर्ण पदक जीत कर विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में ऐसा कारनामा करने वाले केवल तीसरे पुरुष भाला फेंक खिलाड़ी बनने की कोशिश करेंगे।
नीरज चोपड़ा ने 2023 में बुडापेस्ट में आयोजित सत्र में 88.17 मीटर की दूरी के साथ स्वर्ण पदक जीता था जबकि पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम (87.82 मीटर) ने रजत और चेक गणराज्य के याकूब वाडलेज (86.67 मीटर) ने कांस्य पदक जीता था।
नीरज हासिल कर सकते हैं बड़ी उपलब्धि
चोपड़ा अगर 18 सितंबर को फाइनल में फिर से स्वर्ण जीतते हैं, तो वह लगातार दो विश्व चैंपियनशिप में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाले सिर्फ तीसरे खिलाड़ी बनेंगे। यह उपलब्धि अब तक चेक गणराज्य के महान खिलाड़ी यान जेलेजनी (1993 और 1995) और ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स (2019 और 2022) ने हासिल की है। जेलेजनी मौजूदा समय में चोपड़ा के कोच है।
सम्बंधित ख़बरें
विनेश फोगाट का बड़ा खुलासा: ‘बृजभूषण ने मेरा यौन उत्पीड़न किया, मैं उन 6 पीड़ितों में से एक हूं’
Boxing: SAI के लेटर से 40 भारतीय मुक्केबाजों के नाम गायब, राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों से होंगे बाहर
नागपुर में राज्य स्तरीय कबड्डी का आगाज़: सुनेत्रा पवार बोलीं-अब तकनीक से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टिकेगा खेल
GT vs RCB: अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस ने RCB को 4 विकेट से हराया, GT की जीत में गेंदबाजों ने निभाई अहम भूमिका
चोपड़ा 19 सदस्यीय भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और एकमात्र पदक उम्मीदवार हैं। वह एक साल से भी ज्यादा समय बाद अरशद नदीम का सामना करेंगे। दोनों खिलाड़ियों की पिछली टक्कर 2024 पेरिस ओलंपिक में हुई थी, जहां चोपड़ा ने दूसरा स्थान हासिल किया था। चोपड़ा के पास ऐसे में पेरिस ओलंपिक का हिसाब चुकता करने का भी मौका होगा।
इन खिलाड़ियों से होगा सीधा मुकाबला
इस 27 साल के भारतीय खिलाड़ी के लिए स्वर्ण जीतना आसान नहीं होगा। उनके सामने अरशद नदीम के अलावा हाल में डायमंड लीग चैंपियन बने जूलियन वेबर (जर्मनी) की भी कड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा एंडरसन पीटर्स, कीनिया के 2015 विश्व चैंपियन जूलियस येगो, 2012 ओलंपिक चैंपियन केशोर्न वॉलकॉट (त्रिनिदाद और टोबैगो), अनुभवी वाडलेज, और ब्राजील के लुइज डा सिल्वा भी चुनौती पेश करेगें। डा सिल्वा पिछले महीने 91 मीटर की थ्रो के साथ 90 मीटर का आंकड़ा पार किया।
नीरज चोपड़ा के लिए लकी रहा है टोक्यो
यह मुकाबला टोक्यो के उसी मैदान में होगा, जहां उन्होंने 2021 में ओलंपिक स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था। पुरुष भाला फेंक की क्वालीफाइंग राउंड 17 सितंबर को आयोजित होगी। इन खिलाड़ियों में वेबर की लय सबसे अच्छी है और वह खिताब के सबसे बड़े दावेदार होंगे। इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने इस सत्र में तीन बार 90 मीटर से अधिक की दूरी हासिल की है। वह 91.51 मीटर के साथ मौजूदा सत्र में शीर्ष पर है। उन्होंने पिछले महीने डायमंड लीग ट्रॉफी जीतकर आत्मविश्वास भी हासिल किया है।
यह भी पढ़ें: जब तूफान में फंसे सचिन तेंदुलकर, जंगल में उतारना पड़ा विमान; देखें हैरान करने वाला VIDEO
चोपड़ा के साथ सचिन यादव, यशवीर सिंह और रोहित यादव भी इस स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भारत के चार खिलाड़ी हैं जो किसी भी अन्य देश से सबसे अधिक है। गत चैंपियन होने के नाते चोपड़ा को वाइल्ड कार्ड मिला है जबकि बाकी तीन एथलीटों ने विश्व रैंकिंग के आधार पर क्वालीफाई किया है।
इन खिलाड़ियों को भी किया गया शामिल
पुरुषों के भाला फेंक एथलीटों के अलावा, अन्नु रानी (महिला भाला फेंक), पारुल चौधरी (महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज), मुरली श्रीशंकर (पुरुष लंबी कूद), गुलबीर सिंह (पुरुष 5000 मीटर) और प्रवीण चित्रावेल (पुरुष त्रिकूद) भी फाइनल चरण तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।भारतीय दल का अभियान शनिवार को पुरुषों और महिलाओं की 35 किमी पैदल चाल स्पर्धाओं के साथ शुरू होगा। राम बाबू और संदीप कुमार पुरुषों की 35 किमी पैदल चाल में हिस्सा लेंगे, जबकि प्रियंका गोस्वामी महिलाओं की इस स्पर्धा में भाग लेंगी। शाम के सत्र में, पूजा 1500 मीटर रेस की अपनी हीट में दौड़ेगी।
