शतरंज के बादशाह विश्वनाथन आनंद 53 के हुए, जानिए उनके अविश्वसनीय करियर की 5 खास बातें
Viswanathan Anand Birthday: विश्वनाथन आनंद ने अपनी रणनीतिक सोच और शानदार उपलब्धियों से भारतीय शतरंज को वैश्विक पहचान दिलाई। पांच बार विश्व चैंपियन बने आनंद आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं।
- Written By: संजय बिष्ट
विश्वनाथन आनंद (फोटो- सोशल मीडिया)
Viswanathan Anand Birthday Special: शतरंज की दुनिया में भारत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले विश्वनाथन आनंद का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। ‘शतरंज के बादशाह’ कहे जाने वाले आनंद का जन्मदिन 11 दिसंबर 1969 को तमिलनाडु की राजधानी मद्रास, जिसे अब चेन्नई के नाम से जाना जाता है, में हुआ था। अपनी तेज सोच, शांत स्वभाव और रणनीतिक कौशल के दम पर उन्होंने भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया।
भारत को पहला विश्व शतरंज चैंपियन
विश्वनाथन आनंद भारत के पहले शतरंज खिलाड़ी थे, जिन्होंने पांच बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि 2000, 2007, 2008, 2010 और 2012 में अपने नाम की। इस दौरान आनंद ने दुनिया के सबसे दिग्गज ग्रैंडमास्टर्स को मात देकर खुद को शतरंज के सबसे महान खिलाड़ियों में स्थापित किया।
विशी नाम से मशहूर आनंद
शतरंज प्रेमियों के बीच विश्वनाथन आनंद को प्यार से ‘विशी’ कहा जाता है। उनकी खेल शैली तेज और आक्रामक रही है, जिसने उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाई। आनंद को तेज निर्णय लेने वाले खिलाड़ियों में गिना जाता है, यही वजह है कि वे कई बार बड़े मुकाबलों में विरोधियों पर मानसिक बढ़त बना लेते थे।
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मां की अहम भूमिका और शुरुआती सफर
विश्वनाथन आनंद के शतरंज करियर की नींव उनकी मां ने रखी। वे केवल छह साल की उम्र से शतरंज खेलने लगे थे। उनकी प्रतिभा साल 1991 में तब दुनिया के सामने आई जब उन्होंने महान खिलाड़ी गैरी कोस्परोव को हराकर सबको चौंका दिया। इस जीत के बाद आनंद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गए।
सम्मानों और पुरस्कारों की लंबी सूची
विश्वनाथन आनंद भारत के पहले खिलाड़ी रहे जिन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार है। इसके अलावा उन्हें अर्जुन अवॉर्ड, पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी मिल चुके हैं। वह पहले भारतीय खिलाड़ी भी थे जिन्हें पद्मश्री से नवाजा गया।
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वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व
साल 2010 में विश्वनाथन आनंद को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ लंच समारोह में शामिल होने का विशेष निमंत्रण मिला था, जो उनकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को दर्शाता है। चेस ऑस्कर, बुक ऑफ द ईयर और कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके विश्वनाथन आनंद आज भी लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने भारतीय शतरंज को एक नई ऊंचाई दी और दुनिया को यह दिखाया कि भारत भी शतरंज की महाशक्ति बन सकता है।
