ऑनलाइन मनी गेमिंग पर लगेगा बैन, लोकसभा में पास हुआ बिल; प्रमोटरों की अब खैर नहीं
Online Gaming Regulation Bill 2025: ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लगाने वाला यह कानून धोखाधड़ी रोकता है, आत्महत्याएं घटाता है और शैक्षणिक व सामाजिक गेमिंग को बढ़ावा देकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।
- Written By: उज्जवल सिन्हा
ऑनलाइन गेमिंग ऐप (फोटो-सोशल मीडिया)
Online Gaming Regulation Bill 2025: लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग और विनियमन विधेयक 2025 को पास किया गया है। यह बिल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन में पेश किया था। इसका मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लगाना और शैक्षणिक तथा सामाजिक ऑनलाइन खेलों को बढ़ावा देना है।
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ऑनलाइन मनी गेमिंग आज समाज में गंभीर समस्या बन गई है, जहां कई लोग इसकी लत में अपनी जीवन भर की जमा पूंजी खो देते हैं। उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी और फ्रॉड के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और इससे आत्महत्याएं भी हुई हैं।
उन्होंने कर्नाटक के उदाहरण के तौर पर बताया कि वहां पिछले 31 महीनों में 32 आत्महत्याएं ऑनलाइन मनी गेम्स से जुड़ी थीं। इस विधेयक के तहत ऑनलाइन मनी गेमिंग, जिसमें लोग पैसे लगाकर खेलते हैं, पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। इसमें पोकर, रमी जैसे गेम शामिल हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Yavatmal News: मोरथ और वणी में अवैध जुआ अड्डों पर छापेमारी, 3.71 लाख का माल जब्त
सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक 2026 पास, देश को जल्द मिलेगी पहली महिला CJI; सरकार का बड़ा ऐलान
परिसीमन विधेयक पर फंसा पेच! किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से मांगी मदद, कांग्रेस ने रखीं ये बड़ी शर्तें
राम मंदिर चंदा और जमीन खरीद विवाद: डिंपल यादव और सपा सांसदों का संसद परिसर में प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग
ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने वालों की खैर नहीं
-
ऑनलाइन मनी गेमिंग का संचालन, प्रचार, विज्ञापन या सुविधा प्रदान करने पर 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
-
मनी गेमिंग के विज्ञापन पर 2 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माना।
-
मनी गेमिंग से जुड़े वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा देने पर 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना।
-
बार-बार अपराध करने पर सजा 3 से 5 साल की जेल और 2 करोड़ रुपये तक जुर्माना तक बढ़ाया जा सकता है।
-
इन अपराधों को गैर-जमानती बनाया गया है।
साथ ही यह बिल ऑनलाइन ई-स्पोर्ट्स, शैक्षणिक और सामाजिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष प्राधिकरण की स्थापना का प्रावधान भी करता है, जो इन खेलों के विकास और विनियमन का काम करेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस बिल से देश में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और यह आत्महत्याओं और परिवारों के बर्बाद होने को रोकने में मददगार होगा। उन्होंने बताया कि सदन के सभी सदस्य इस विषय पर सहमत हैं।
यह भी पढ़ें: भारत को खेल महाशक्ति बनाने की ओर मोदी सरकार, खेलो भारत नीति-2025 से मिलेंगे ये फायदे
यह बिल विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच बिना विस्तृत चर्चा के ध्वनिमत से पारित किया गया। इस कानून के लागू होने के बाद ऑनलाइन मनी गेमिंग से जुड़ी गतिविधियां कानून की कठोर कार्रवाई के दायरे में आ जाएंगी, जिससे आम लोगों को आर्थिक नुकसान और सामाजिक बुराइयों से बचाया जा सकेगा।
