सिर्फ 1 किग्रा से पदक चूकी बर्थडे गर्ल मीराबाई चानू, चौथे स्थान से करना पड़ा संतोष
जन्मदिन के दिन भारत के लिए इतिहास रचने से मीराबाई चानू चूक गई। 8 अगस्त को 30 साल की हो चुकी मीराबाई चानू के पास अपना जन्मदिन मनाने के लिए इससे बड़ा सेलिब्रेशन क्या हो सकता था कि वे ओलंपिक मेडल के साथ इसे सेलिब्रेट करे। लेकिन मीराबाई ये इतिहास रचने से चूक गई और चौथे स्थान पर ही उन्हें संतोष करना पड़ा।
- Written By: प्रिया जैस
मिराबाई चानू (सौजन्य-एक्स)
पेरिस: मीराबाई चानू जन्मदिन के दिन भारत के लिए इतिहास रचने से चूक गई। 8 अगस्त को 30 साल की हो चुकी मीराबाई चानू के पास अपना जन्मदिन मनाने के लिए इससे बड़ा सेलिब्रेशन क्या हो सकता था कि वे ओलंपिक मेडल के साथ इसे सेलिब्रेट करे। लेकिन मीराबाई ये इतिहास रचने से चूक गई और चौथे स्थान पर ही उन्हें संतोष करना पड़ा।
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारोत्तोलक (वेटलिफ्टिंग) से भी भारत को निराशा ही हाथ लगी। जब बुधवार को भारोत्तोलक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही मीराबाई चानू कुछ ही किलोग्राम उठाने से टॉप तीन में अपनी जगह बनाने से चूक गई।
टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली भारोत्तोलक मीराबाई चानू बुधवार को यहां पेरिस ओलंपिक के 49 किलोग्राम वर्ग में चौथे स्थान पर रहते हुए पदक से चूक गई। मीराबाई ने स्नैच में 88 और क्लीन एवं जर्क में 111 से कुल 199 किग्रा का वजन उठाया। इससे वह महज एक किलोग्राम से पदक से चूक गई।
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India's shinning star @mirabai_chanu narrowly missed Olympic – Medal in Weightlifting (49kg) by small margin and come 4th at #Paris2024 but we are very proud of your achievements & always proud of you ! #Cheer4Bharat 🇮🇳 pic.twitter.com/NyrwKGSeQI — Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 7, 2024
स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार चीन की मौजूदा ओलंपिक चैंपियन होउ झिहुई ने क्लीन एवं जर्क में ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने कुल 206 (स्नैच 89, क्लीन एवं जर्क 117) किग्रा वजन उठाया।
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रोमानिया की वालेंटिना कैम्बेई 206 (93 और 112) किग्रा से रजत और थाईलैंड की सुरोदचना खाम्बो 200 (88 और 112) किग्रा के वजन से कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
कूल्हे की चोट से उबरने के बाद वापसी कर रहीं मीराबाई ने स्नैच में पहले प्रयास में आसानी से 85 किग्रा वजन उठाया और दूसरे प्रयास में 88 किग्रा उठाने में विफल रहीं। पर तीसरे प्रयास में उन्होंने 88 किग्रा का वजन उठाकर बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के स्नैच के प्रदर्शन की बराबरी की।
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मीराबाई क्लीन एवं जर्क के पहले प्रयास में 111 का वजन उठाने में विफल रही। पर दूसरे प्रयास में वह सफल रहीं। पर तीसरे और अंतिम प्रयास में 114 किग्रा का वजन नहीं उठा सकीं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
