कॉमनवेल्थ से लेकर ओलंपिक तक! जानिए क्यों दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों की तैयारी में जुटा है भारत ?
India Hosting Mega Sports Event: भारत अब सिर्फ खेलों में मेडल ही नहीं जीत रहा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए भी तैयार है। जानिए खेल मंत्री का क्या है महाप्लान।
- Written By: सृष्टि मौर्य
भारत बड़े स्पोर्ट्स इवेंट की मेज़बानी कर रहा है (सोर्स- सोशल मीडिया)
Major Sporting Events Will Boost India’s Prestige: पूरी दुनिया के खेल जगत में भारत अब बहुत तेजी से अपनी एक नई और मजबूत पहचान बना रहा है। भारत केवल मेडल जीतने में ही आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े खेल मुकाबलों की मेजबानी करने के लिए भी कमर कस चुका है। हमारा देश एक तरफ जहां 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी में लगा है, वहीं साल 2036 में होने वाले ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की रेस में भी अपनी दावेदारी को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने साझा किया विजन
इस पूरे विजन को लेकर केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक बड़ी और बेहद अहम बात कही है। उन्होंने बताया कि जब हमारे देश में बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजित होते हैं, तो इससे पूरी दुनिया में भारत का नाम और वैश्विक पहचान मजबूत होती है। इसके साथ ही हमारे देश के युवा खिलाड़ियों को अपने ही घरेलू मैदान पर दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और सीखने का एक शानदार मौका मिलता है।
देश के कोने-कोने में पहुँच रहे अंतरराष्ट्रीय खेल
खेल मंत्रालय की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2025 से लेकर जून 2026 के बीच भारत ने देश के 15 से भी ज्यादा अलग-अलग शहरों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का बेहद सफल आयोजन किया है। इस कामयाबी ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारत के पास केवल बढ़िया खेल मैदान या स्टेडियम ही नहीं हैं, बल्कि बड़े-बड़े टूर्नामेंट्स को शानदार तरीके से आयोजित करने का गजब का हुनर और क्षमता भी है।
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अब नई दिल्ली के साथ-साथ अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, राजगीर, पटना, हैदराबाद, पुणे, लखनऊ और महाबलीपुरम जैसे शहर भी अंतरराष्ट्रीय खेलों के नए और बड़े गढ़ बनकर उभर रहे हैं। इन शहरों में वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, वर्ल्ड कप और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट जैसे बड़े इवेंट्स हो रहे हैं। इनमें एथलेटिक्स, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, बॉक्सिंग, फुटबॉल और पैरा स्पोर्ट्स जैसे कई खेल शामिल हैं, जिनमें से कई खेलों की मेजबानी भारत ने पहली बार की है।
घरेलू मैदान पर खेलने के बड़े फायदे
खेल मंत्री ने समझाया कि इन बड़े आयोजनों का सबसे ज्यादा फायदा हमारे खिलाड़ियों को होता है। जब मैच भारत में होते हैं, तो खिलाड़ियों का विदेश जाने और वहां रहने का भारी-भरकम खर्च बच जाता है। साथ ही, हमारे देश के खेल अधिकारियों, तकनीकी एक्सपर्ट्स और वॉलंटियर्स को भी बड़े स्तर पर काम करने का तजुर्बा मिलता है। यही अनुभव आगे चलकर 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन में हमारे बहुत काम आने वाला है।
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आने वाले समय का पूरा शेड्यूल है तैयार
भारत में खेलों का यह रोमांच अभी रुकने वाला नहीं है। जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच देश में 11 और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होने जा रहे हैं, जिनमें कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप और वर्ल्ड स्नूकर चैंपियनशिप जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, भारत ने साल 2027 और 2028 के लिए भी 19 बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को अपने नाम कर लिया है, जिसमें भुवनेश्वर में होने वाली ‘विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप 2028’ भी शामिल है।
मंत्रालय का मानना है कि साल 2025 से 2028 के बीच होने वाले ये 65 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट भारत को दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजक देशों की लिस्ट में सबसे आगे खड़ा कर देंगे, जिससे देश में एक बेहतरीन खेल संस्कृति पैदा होगी।
