CWG 2026: बॉक्सिंग में भारत का डबल धमाका, प्रीति के बाद अब जैस्मिन लैम्बोरिया ने जीता गोल्ड मेडल
Jaismine Lamboria in CWG: मुक्केबाजी में जैस्मिन लैम्बोरिया ने वॉल्श को पछाड़कर भारत की झोली में एक और गोल्ड डाला। रिंग में सटीक पंच और रणनीति के दम पर जैस्मिन ने भारत को दिन का दूसरा स्वर्ण दिलाया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
जैस्मिन लैम्बोरिया ने जीता गोल्ड मेडल (Image- Social Media)
Jaismine Lamboria Gold Medal: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में एक और गोल्ड डाल दिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने पिछले कॉमनवेल्थ खेलों की स्वर्ण पदक विजेता नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकेला वॉल्श को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराया।
इस जीत के साथ जैस्मीन कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय मुक्केबाज बन गईं। उनसे पहले प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का खाता खोला था।
ब्रॉन्ज से गोल्ड तक का सफर
24 वर्षीय जैस्मीन लंबोरिया ने चार साल पहले बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में कांस्य पदक जीता था। इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में शानदार सुधार करते हुए सीधे स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। अब उनके नाम विश्व चैंपियन बनने के साथ-साथ कॉमनवेल्थ चैंपियन बनने का गौरव भी जुड़ गया है।
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यूके की धरती बनी लकी
जैस्मीन के लिए यूनाइटेड किंगडम की धरती बेहद खास साबित हुई है।
- बर्मिंघम 2022 – कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक
- लिवरपूल 2025 – विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- ग्लास्गो 2026 – कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक
यानी ब्रिटेन की धरती पर खेले गए तीन बड़े टूर्नामेंटों में उन्होंने लगातार पदक जीतने का कारनामा किया है।
बॉक्सिंग विरासत से जुड़ा है परिवार
हरियाणा के भिवानी की रहने वाली जैस्मीन का परिवार लंबे समय से मुक्केबाजी से जुड़ा रहा है। उनके परदादा हवा सिंह भारतीय बॉक्सिंग के दिग्गजों में गिने जाते हैं और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता रहे थे। जैस्मीन को शुरुआती प्रशिक्षण उनके चाचा संदीप सिंह और परविंदर सिंह ने दिया, जिन्होंने उनके करियर की मजबूत नींव रखी।
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भारतीय सेना की पहली महिला बॉक्सर अधिकारी
बॉक्सिंग में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद वर्ष 2022 में जैस्मीन लंबोरिया को भारतीय सेना की मिलिट्री पुलिस कोर में शामिल किया गया। वह नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं और भारतीय सेना में शामिल होने वाली पहली महिला मुक्केबाज भी हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का यह स्वर्ण पदक जैस्मीन लंबोरिया के शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।
