FIFA World Cup 2026 पर मंडराए काले बादल, मेजबान देशों ने सुरक्षा और फंडिंग को लेकर जताई चिंता
FIFA World Cup 2026 में सुरक्षा और फंडिंग को लेकर मेजबान शहरों में चिंता बढ़ी। फंडिंग रोक और तालमेल की कमी से आयोजन में लॉजिस्टिक और सुरक्षा चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
- Written By: उज्जवल सिन्हा
फीफा वर्ल्ड कप (फोटो-सोशल मीडिया)
FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मेजबान यूएसए, कनाडा और मेक्सिको के शहरों ने सुरक्षा व्यवस्था और फंडिंग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा योजना अभी शेड्यूल से पीछे चल रही है, जिससे 11 जून को टूर्नामेंट शुरू होने पर समस्याएं हो सकती हैं। फीफा वर्ल्ड कप इस बार तीन देशों में खेला जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूएस हाउस होमलैंड सुरक्षा कमेटी के सामने स्थानीय प्रतिनिधियों ने दो बड़ी समस्याओं का जिक्र किया। पहली, फेडरल सुरक्षा फंडिंग पर रोक और दूसरी, फेडरल और स्थानीय अधिकारियों के बीच खराब तालमेल। फंडिंग रोक की वजह फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी का फैसला है, जिसमें शटडाउन के बीच सुरक्षा ऑपरेशन को कम किया गया।
900 मिलियन डॉलर की फंडिंग रूकी
विश्व कप के लिए लगभग 900 मिलियन डॉलर की फंडिंग रोक दी गई है। इसमें से 625 मिलियन डॉलर सुरक्षा प्रबंधन के लिए निर्धारित थे, ताकि खिलाड़ियों, फैंस और संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा 250 मिलियन डॉलर ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए तय किए गए थे।
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नेशनल फ्यूजन सेंटर एसोसिएशन के अध्यक्ष माइक सेना ने कहा कि देरी से शहरों को सुरक्षा की तैयारी में कठिनाई हो रही है। मियामी के आयोजकों ने भी फंडिंग अनिश्चितता के कारण योजना प्रभावित होने की चेतावनी दी। मियामी वर्ल्ड कप होस्ट कमेटी के प्रमुख रे मार्टिनेज ने बताया कि केवल 107 दिन बचे हैं और फैन फेस्ट जैसी गतिविधियों के लिए लगभग 70 दिन ही बचे हैं। मियामी ने 70 मिलियन डॉलर की फेडरल मदद के लिए आवेदन किया है। अगर मार्च के अंत तक अनुमोदन नहीं होता, तो इवेंट्स में कटौती करनी पड़ेगी।
मेजबानी से पीछे हट सकता है मैसाचुसेट्स
फॉक्सबोरो (मैसाचुसेट्स) के अधिकारियों ने भी चेतावनी दी कि फंडिंग नहीं मिली तो वे जिलेट स्टेडियम में होने वाले सात मैचों की मेजबानी से पीछे हट सकते हैं। कैनसस सिटी के अधिकारियों ने स्टाफ की कमी की बात की। डिप्टी पुलिस चीफ जोसेफ मैबिन ने कहा कि शहर की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं और फेडरल मदद जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि अगर फंडिंग और तालमेल के मुद्दे जल्दी हल नहीं हुए, तो दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट को गंभीर लॉजिस्टिक और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
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11 जून से शुरू होगा टूर्नामेंट
48 टीमों का यह बड़ा टूर्नामेंट पूरे अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होगा। पहला मैच 11 जून को मेक्सिको में खेला जाएगा। यूएसए अपना पहला गेम 12 जून को लॉस एंजेल्स में खेलेगा। ऑस्ट्रेलिया अपने अभियान की शुरुआत वैंकूवर में करेगी, फिर 20 जून को सिएटल में अमेरिका का सामना करेगी और 26 जून को लेवी स्टेडियम में पैराग्वे के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच खेलेगी।
