IPL 2026 के ऑक्शन में विदेशी खिलाड़ियों की मांग तेज, कैमरून ग्रीन को नहीं मिलेगा 18 करोड़ से ज्यादा

Cameron Green Won't Earn More Than 18 Crore: आईपीएल 2026 मिनी-ऑक्शन में किसी भी खिलाड़ी की सैलरी 18 करोड़ से ज्यादा नहीं होगी। कैमरन ग्रीन सहित विदेशी खिलाड़ियों की मांग अभी भी तेज है।
IPL 2026 के ऑक्शन में विदेशी खिलाड़ियों की मांग तेज, कैमरून ग्रीन को नहीं मिलेगा 18 करोड़ से ज्यादा
कैमरून ग्रीन (फोटो-सोशल मीडिया)
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Why Cameron Green Won't Earn More Than 18 Crore: आईपीएल 2026 का मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर को अबु धाबी में होगा। इस ऑक्शन में 350 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। जबकि 77 खिलाड़ियों को ही खरीददार मिल पाएगी। अब आक्शन में महज दो दिन बचा है। मिनी-ऑक्शन के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेटरों पर पैसे की बारिश होती है। आइए जानते हैं कि मिनी-ऑक्शन में कोई भी खिलाड़ी या विदेशी खिलाड़ी अधिकतक कितना कमा सकते हैं।

बीसीसीआई ने आईपीएल में मिनी ऑक्शन के दौरान एक नियम लागू किया गया था। मिनी ऑक्शन में किसी भी खिलाड़ी को 18 करोड़ रुपये से ज्यादा की सैलरी नहीं मिलेगी। भले ही फ्रेंचाइजी उस खिलाड़ी के लिए कितना भी अधिक बोली लगाए। 18 करोड़ से जितना ज्यादा बोली लगाई जाएगी, वो बीसीसीआई के खाते में जाएगी। खिलाड़ी को सिर्फ 18 करोड़ ही मिलेगा।

IPL गवर्निंग काउंसिल ने क्यों उठाया ये कदम

इस कदम को IPL गवर्निंग काउंसिल ने इसलिए उठाया है ताकि लीग में पैसों का सही इस्तेमाल हो और खिलाड़ियों की सैलरी बहुत ज़्यादा न बढ़े। खासकर मिनी-ऑक्शन में, जब कुछ खिलाड़ियों के लिए ज्यादा बोली लग जाती थी। इसका मकसद है कि भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों के बीच संतुलन बना रहे और फ्रेंचाइजी को अचानक बड़े खर्च या वित्तीय परेशानियों से बचाया जा सके।

पिछले मिनी-ऑक्शन में विदेशी खिलाड़ियों पर बरसे थे पैसे

पिछले सीज़न की मिनी-ऑक्शन में विदेशी खिलाड़ियों के लिए काफी बड़ी बोली लगी थी। 2024 की नीलामी में तेज़ गेंदबाज़ों और ऑलराउंडरों को 18 करोड़ रुपये से भी ज्यादा सैलरी मिली थी, जो उनकी प्रतिष्ठा और टीमों की ज़्यादा मांग को दिखाती थी। लेकिन इतनी बड़ी सैलरी ने लीग में निष्पक्षता, बजट और खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए, क्योंकि कुछ खिलाड़ी पूरे सीज़न में सिर्फ कुछ मैचों के लिए ही उपलब्ध थे।

अब IPL 2026 की मिनी-ऑक्शन से कोई भी खिलाड़ी 18 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं कमा सकेगा। अगर फ्रेंचाइजी उससे ज्यादा बोली लगाती है, तो अतिरिक्त राशि BCCI द्वारा रखी जाएगी और इसे खिलाड़ियों के कल्याण और विकास में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे फ्रेंचाइजी अपनी पसंदीदा खिलाड़ियों को महत्व दे सकती है, लेकिन लीग के बाकी सिस्टम को भी फायदा होगा।

इस नियम के बाद भी विदेशी खिलाड़ियों की मांग तेज

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