डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता, लेकिन बेटे ने पूरी कर ली टीम इंडिया तक की उड़ान; जानिए कौन हैं आकिब नबी?
Aquib Nabi Biography: जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को जसप्रीत बुमराह की जगह श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। जानिए उनके डॉक्टर बनने से लेकर टीम इंडिया तक का सफर।
- Written By: सृष्टि मौर्य
आकिब नबी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Who Is Aquib Nabi Jasprit Bumrah Replacement: आकिब नबी जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के शीरी गांव के रहने वाले 29 साल के प्रतिभाशाली राइट-आर्म मीडियम-फास्ट बॉलर हैं। अच्छी रफ्तार के साथ गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की अपनी शानदार काबिलियत के कारण उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार सीनियर नेशनल टीम में चुना गया है।
आकिब चोटिल स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जगह टीम में शामिल हुए हैं। इसके साथ ही वो जम्मू-कश्मीर से सीनियर भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले तीसरे और कश्मीर घाटी क्षेत्र से पहले क्रिकेटर बन गए हैं।
रणजी ट्रॉफी से मिली कामयाबी
घरेलू क्रिकेट में नबी का आगे बढ़ना पिछले कुछ सीजन में उनकी जबरदस्त लगन और शानदार प्रदर्शन की कहानी है। 2018 में जम्मू-कश्मीर के लिए डेब्यू करने के बाद, उन्होंने धीरे-धीरे टीम के बॉलिंग अटैक में अपनी अहम जगह बना ली। उन्हें असली कामयाबी पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजन में मिली, जहां उन्होंने अकेले दम पर विरोधी बल्लेबाजों की कमर तोड़ते हुए कुल 104 विकेट लिए।
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हाल ही में हुए 2025-26 सीजन में ही उन्होंने 60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को उनका पहला और ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी खिताब जिताया। इस बड़ी कामयाबी ने नेशनल सेलेक्टर्स का ध्यान खींचा और उन्हें दिल्ली कैपिटल्स के साथ एक शानदार IPL कॉन्ट्रैक्ट मिला। इसके बाद इंडिया ‘ए’ के साथ भी उनका सफर कामयाब रहा, जहां उन्होंने श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ 6 विकेट लिए।
आकिब के सफलता का सफर
बारामूला के एक साधारण मध्यम-वर्गीय परिवार में जन्मे आकिब का सफलता तक का सफर शुरू में उनके परिवार की शंकाओं से भरा था। उनके पिता, गुलाम नबी डार एक स्थानीय सरकारी स्कूल के टीचर हैं। वो शुरू में चाहते थे कि आकिब अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और डॉक्टर बनें क्योंकि उस इलाके में खेल के जरिए गुजारा करना बहुत मुश्किल था। हालांकि, अपने बेटे का जबरदस्त जुनून और लगन देखकर उनके पिता उनके सबसे बड़े समर्थक बन गए।
यहां तक कि उन्होंने आकिब के क्रिकेट के सामान और अकादमी की फीस के लिए बैंक से लोन भी लिया। उनके छोटे भाई इमरान नबी अभी मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे हैं और आकिब के शुरुआती संघर्ष के दिनों में वो उनके लिए भावनात्मक सहारे का एक बड़ा जरिया रहे हैं।
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बल्लेबाजी में भी है दमदार
एक मुख्य तेज गेंदबाज होने के अलावा आकिब नबी को एक बेहतरीन बॉलिंग ऑल-राउंडर माना जाता है जो निचले क्रम में आसानी से बड़े-बड़े छक्के लगा सकते हैं। विजय हजारे ट्रॉफी के एक मैच में हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 82 गेंदों पर जबरदस्त 114 रन बनाकर बल्लेबाजी में भी अपनी काबिलियत साबित की थी।
अपनी तेज रफ्तार की वजह से स्थानीय फैन्स उन्हें ‘बारामूला एक्सप्रेस’ कहते हैं। आकिब अपनी गेंदबाजी की शैली और आक्रामकता के लिए दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज डेल स्टेन और भारत के बेहतरीन गेंदबाज मोहम्मद शमी से प्रेरणा लेते हैं। उनके चुने जाने से कश्मीर घाटी के पूरे खेल जगत में बहुत खुशी है, जहाां युवा खिलाड़ी अब उन्हें उम्मीद की एक मिसाल के तौर पर देखते हैं।
