वेस्टइंडीज टीम (फोटो-सोशल मीडिया)
West Indies Get Charter Flight: टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद भारत में फंसी वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के लिए आखिरकार घर लौटने का रास्ता साफ हो गया है। खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय वायु क्षेत्र पर लगी पाबंदियों से टीम चार दिन से ज्यादा समय तक भारत में ही अटकी हुई थी। अब खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को स्वदेश भेजने के लिए चार्टर्ड प्लेन का इंतजाम किया गया है।
एक सूत्र ने बताया कि वेस्टइंडीज टीम के सदस्यों की वापसी के लिए विशेष चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था की गई है। इस खबर के बाद टीम के मुख्य कोच डेरेन सैमी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वेस्टइंडीज बस इसी अपडेट का इंतजार कर रहा था। इससे पहले सैमी ने अपनी निराशा जताते हुए पोस्ट किया था कि वह बस घर जाना चाहते हैं।
दरअसल, सुपर आठ चरण में भारत से हारने के बाद वेस्टइंडीज की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। इसके बाद अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के चलते खाड़ी क्षेत्र के कई हिस्सों में वायु क्षेत्र पर पाबंदियां लगा दी गईं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट प्रभावित हो गए और टीम की वापसी टलती रही।
इस बीच वेस्टइंडीज के कुछ खिलाड़ियों के भारत में ही रुकने की संभावना है, क्योंकि उनकी आईपीएल फ्रेंचाइजियां जल्द ही अपने प्रशिक्षण शिविर शुरू करने वाली हैं। रोवमैन पावेल कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हैं और टीम का कैंप 18 मार्च से शुरू होना है। वहीं शेरफेन रदरफोर्ड मुंबई इंडियंस, शिमरोन हेटमायर राजस्थान रॉयल्स और रोमारियो शेफर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का हिस्सा हैं।
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बंगाल क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने बताया कि खिलाड़ियों की यात्रा से जुड़ा पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद देख रही है। वहीं क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भी बयान जारी कर कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए आईसीसी और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
खाड़ी क्षेत्र में जारी सैन्य कार्रवाई के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग बदले गए हैं, जिसकी वजह से कई टीमों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इसी कारण जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों की वापसी भी देरी से हो रही थी, हालांकि आईसीसी ने उनके लिए इथियोपिया के आदिस अबाबा के रास्ते उड़ानों का इंतजाम कर उन्हें समूहों में स्वदेश भेजना शुरू कर दिया है।