2027 World Cup से पहले वैभव सूर्यवंशी को मिले टीम इंडिया में मौका? पूर्व चयनकर्ता ने BCCI से की बड़ी मांग
2027 ODI World Cup: पूर्व क्रिकेट प्रशासक मकरंद वाइंगणकर और फारुख इंजीनियर ने बीसीसीआई से 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को 2027 विश्व कप से पहले वनडे टीम में मौका देने की वकालत की है।
- Written By: सृष्टि मौर्य
मकरंद वाइंगणकर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Makarand Waingankar Backs Vaibhav Sooryavanshi For 2027 ODI World Cup: भारत के पूर्व क्रिकेट प्रशासक मकरंद वाइंगणकर ने बीसीसीआई और टीम इंडिया मैनेजमेंट से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जल्द से जल्द वनडे टीम में मौका देने की अपील की है। उनका मानना है कि 2027 वनडे विश्व कप से पहले भारत को अपनी बेंच स्ट्रेंथ तैयार करनी चाहिए और वैभव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को पर्याप्त समय देना चाहिए। हालांकि, क्रिकेट जगत का एक वर्ग ये भी मानता है कि 15 वर्षीय बल्लेबाज को जरूरत से ज्यादा जल्दी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतारना सही फैसला नहीं होगा।
Vaibhav Sooryavanshi should be fast tracked for 2027 World Cup. With 14 months to go Indian selectors must work on the bench strength. No better talented batsman than this modern Sanath Jaysuriya who in the 1996 World Cup damaged the reputation of top quality bowlers — Makarand Waingankar (@wmakarand) July 25, 2026
फारुख इंजीनियर ने करी जमकर तारीफ
पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने भी वैभव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से यही सही समय है कि वैभव को भारत की वनडे टीम में शामिल किया जाए। मुझे समझ नहीं आता कि लोग T20 और वनडे में इतना फर्क क्यों करते हैं। उनके लिए हाफ वॉली, हाफ वॉली ही होती है। वो रन बना रहे हैं, आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और ओपनिंग करने की क्षमता रखते हैं।’
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इंजीनियर ने आगे कहा, ‘वो जितने मैच जिताएंगे, उससे कहीं कम मैच हारेंगे। अगर वो टीम को तेज शुरुआत देते हैं तो बाकी बल्लेबाज आराम से पारी संभालकर बड़ा स्कोर बना सकते हैं। उनकी ताकत ये है कि थोड़ी भी शॉर्ट लेंथ की गेंद सीधे छक्के के लिए जाती है। उन्होंने अपनी गलतियों से सीखना भी शुरू कर दिया है। लेकिन उन्हें जरूरत से ज्यादा कोचिंग देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। वो किसी किताब के हिसाब से खेलने वाले बल्लेबाज नहीं, बल्कि प्राकृतिक प्रतिभा हैं। विवियन रिचर्ड्स भी ऐसे ही बल्लेबाज थे। अगर भारत वैभव पर भरोसा बनाए रखता है तो वो आने वाले वर्षों में टीम के लिए बेहद अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।
Farokh Engineer- Pick Sooryavanshi for ODIs, let him open with Rohit and Gill can play at four The ideal situation is Shubman Gill and Vaibhav Sooryavanshi. Gill is a class player. Gill, I think, is the best batsman in the team now. So, Gill should come at four. This is… pic.twitter.com/9BjIyp4pOT — News Arena India (@NewsArenaIndia) July 27, 2026
IPL से हुए चर्चित
वैभव सूर्यवंशी पहली बार 2025 आईपीएल में चर्चा में आए थे, जब उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए अपना पहला शतक लगाया था। इसके बाद उन्होंने भारत अंडर-19 टीम के लिए खेलते हुए 2026 अंडर-19 विश्व कप जीतने में अहम भूमिका निभाई। आईपीएल 2026 में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले आईपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने।
राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली। हालांकि आयरलैंड सीरीज में उन्हें मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। वहां खेले गए चार मुकाबलों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके।
जिम्बाब्वे सीरीज में की वापसी
हाल ही में समाप्त हुई जिम्बाब्वे T20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने दमदार वापसी की। वो सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और भारत ने मेजबान टीम का 3-0 से सफाया किया। जिम्बाब्वे सीरीज के बाद मकरंद वाइंगणकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘वैभव सूर्यवंशी को 2027 विश्व कप के लिए फास्ट-ट्रैक किया जाना चाहिए।
विश्व कप में सिर्फ 14 महीने बचे हैं, इसलिए भारतीय चयनकर्ताओं को अभी से बेंच स्ट्रेंथ तैयार करनी होगी। मौजूदा समय में वैभव से बेहतर प्रतिभाशाली बल्लेबाज कोई नहीं है। वो आधुनिक दौर के सनथ जयसूर्या की तरह हैं, जिन्होंने 1996 विश्व कप में दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों की प्रतिष्ठा हिला दी थी।’
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कुछ लोग इस बात के खिलाफ
हालांकि, कई पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव को लेकर जरूरत से ज्यादा उत्साह भी नुकसान पहुंचा सकता है। उनका कहना है कि युवा बल्लेबाज ने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम ही रखा है और इस स्तर पर उन्हें धीरे-धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
