मकई के छिलकों पर कूदकर प्रैक्टिस कर कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता सिल्वर, जानें कौन है नासिक के सर्वेश कुशारे
Nashik Sarvesh Kushare Commonwealth Games: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में नासिक के सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में सिल्वर मेडल जीता। जानिए मकई के छिलकों से बने पिट पर अभ्यास करने वाले सर्वेश की कहानी।
- Written By: आकाश मसने
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले नासिक के सर्वेश कुशारे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Commonwealth Games Silver Medalist Sarvesh Kushare Story: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के 23वें संस्करण का पांचवा दिन भारत के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। हरियाणा की शर्मिला धनखड़ ने जहां गोला फेंक में भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया, वहीं नासिक के सर्वेश कुशारे ने हाई जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता, वह गोल्ड से चूक गए। वेटलिफ्टिंग में वल्लूरी अजय ने भी सिल्वर मेडल जीता।
इनके अलावा शिल्पा शायला ने भी गोला फेंक और बिंदियारानी ने वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक अपने नाम किए। इन पांच पदकों के साथ भारत अपनी झोली में अब तक 10 पदक समेटकर सूची में 8वें स्थान पर है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 26 गोल्ड सहित 59 मेडल के साथ पहले स्थान पर है।
शर्मिला धनखड़ ने पैरा शॉट पुट 57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर यह उपलब्धि हासिल की। इसी इवेंट में शिल्पा के। शायला ने ब्रान्ज मेडल अपने नाम किया। यह मौजूदा खेलों में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। शर्मिला से पहले रविवार को वेटलिफ्टिंग में मीरा बाई चानू ने 48 किग्रा में गोल्ड जीता था।
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आपत्ति के बाद शिल्पा को पदक
शिल्पा शायला का पदक नाटकीय घटनाक्रम के बाद पक्का हुआ। शिल्पा ने 7.26 मीटर का थ्रो कर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, लेकिन शुरुआती नतीजों में वह चौथे स्थान पर थीं। नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया था। भारत की आपत्ति के बाद अधिकारियों ने नाइजीरियाई खिलाड़ी के थ्रो की समीक्षा की। जांच में उनके एकमात्र वैध थ्रो को फाउल करार दिया गया। इसके बाद संशोधित नतीजों में शिल्पा को चौथे से तीसरे स्थान पर पहुंचाते हुए ब्रॉन्ज मेडल दे दिया गया।
नासिक के सर्वेश कुशारे ने लगाई 2.25 मीटर की जंप
नासिक के सर्वेश कुशारे ने कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष हाई जंप फाइनल में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 2.25 मीटर की जंप लगाई, लेकिन 2.28 मीटर की ऊंचाई पार करने की तीनों कोशिशें नाकाम रहीं। जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने काउंटबैक के आधार पर गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंग्लैंड के किमानी जैक ने 2.20 मीटर की जंप के साथ ब्रॉन्ज अपने नाम किया।
Great show by Sarvesh Kushare. By winning the Silver Medal🥈in the Men’s High Jump at the Glasgow Commonwealth Games you have brought immense pride to Bharat. #CWG2026 pic.twitter.com/ta1qvBWX4d — Amit Shah (@AmitShah) July 28, 2026
नीरज चोपड़ा क्लब में शामिल हुए सर्वेश कुशारे
कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भी सर्वेश कुशारे शानदार फॉर्म में थे। इसी महीने मोनाको डायमंड लीग में उन्होंने 2.26 मीटर की जंप लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही वह डायमंड लीग में पोडियम पर पहुंचने वाले पहले भारतीय हाई जंपर बने। वह नीरज चोपड़ा, मुरली श्रीशंकर और विकास गौड़ा के बाद डायमंड लीग में टॉप-3 में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय एथलीट भी हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर पदक जीतने के बाद जश्न मनाते सर्वेश कुशारे (सोर्स: सोशल मीडिया)
यह भी पढ़ें:- CWG 2026: सरवेश कुशारे ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स हाई जंप में भारत को मिला पहला सिल्वर
पिछले महीने भुवनेश्वर में हुई नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 2.31 मीटर की जंप लगाकर तेजस्विन शंकर का आठ साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा था। वह विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के पुरुष हाई जंप फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय भी हैं।
कौन है सर्वेश कुशारे? मकई के छिलकों से बनाई लैंडिंग पिट
नासिक जिले के देवगांव के रहने वाले सर्वेश कुशारे का सफर संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता प्याज की खेती करते थे। बचपन में उन्होंने खेत में ही मकई के छिलकों, कपास और खेती के दूसरे अवशेषों से अस्थायी लैंडिंग पिट तैयार किया, ताकि सर्वेश अभ्यास कर सकें। सीमित संसाधनों के बावजूद सर्वेश ने मेहनत जारी रखी और अब उसी संघर्ष का इनाम कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडल के रूप में मिला।
