वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे (फोटो-सोशल मीडिया)
Indian Under-19 Team Create History: भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में 411/9 का विशाल स्कोर खड़ा कर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही भारत अंडर-19 वर्ल्ड कप के प्लेऑफ मुकाबलों में 350 से ज्यादा रन बनाने वाला पहला देश बन गया। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर भी है।
इससे पहले प्लेऑफ में सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड भी भारत के नाम था। साल 2016 में फतुल्लाह में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारत ने नामीबिया के खिलाफ 349/6 रन बनाए थे, जिसमें ऋषभ पंत ने 96 गेंदों में 111 रन की यादगार पारी खेली थी।
भारतीय टीम ने इस मैच के साथ अंडर-19 वर्ल्ड कप में तीसरी बार 400 रन का आंकड़ा पार किया। इससे पहले 16 फरवरी 2024 को भारत ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 425/3 रन, जबकि 22 जनवरी 2022 को युगांडा के विरुद्ध 405/5 रन बनाए थे। इसके अलावा, अंडर-19 वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज 311 रन है, जिसे भारत ने हाल ही में सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ हासिल किया था।
शुक्रवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत की पारी की अगुवाई सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने की। उन्होंने मात्र 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। इस दौरान वैभव ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ 90 गेंदों में 142 रन की साझेदारी की, जबकि वेदांत त्रिवेदी के साथ 39 गेंदों में 89 रन जोड़े।
कप्तान आयुष म्हात्रे ने 51 गेंदों में 9 चौकों की मदद से 53 रन बनाए। वहीं, अभिज्ञान कुंडू ने 40 रन का योगदान दिया। अंतिम ओवरों में कनिष्क चौहान ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 20 गेंदों में 4 चौकों के साथ नाबाद 37 रन बनाए और भारत को 400 के पार पहुंचाया। भारतीय अंडर-19 टीम ने फाइनल में 50 ओवर की समाप्ति के बाद 9 विकेट के नुकसान पर 411 रन बनाए।
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इंग्लैंड की ओर से जेम्स मिंटो सबसे सफल गेंदबाज रहे। मिंटो ने भारत के खिलाफ 3 विकेट झटके। सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट लिए, जबकि मैनी लम्सडेन को 1 सफलता मिली। इंग्लैंड को दूसरी बार चैंपियन बनने के लिए 412 रन बनाने होंगे।