राहुल द्रविड़, ट्रॉय कूली और वीवीएस लक्ष्मण (फोटो- सोशल मीडिया)
England Cricket Team: क्रिकेट में लंबे अंतराल के बाद वापसी कोई नई बात नहीं है, लेकिन इंग्लैंड क्रिकेट टीम में 20 साल बाद हुई एक खास वापसी ने सबका ध्यान खींच लिया है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने 2005 की ऐतिहासिक एशेज जीत के नायक रहे ट्रॉय कूली को एक बार फिर कोचिंग सेटअप में शामिल किया है। 60 वर्षीय ट्रॉय कूली को इंग्लैंड टीम का नया पेस-बॉलिंग लीड कोच नियुक्त किया गया है।
कूली वही शख्स हैं, जिन्होंने 2005 की एशेज सीरीज में इंग्लैंड की गेंदबाजी को धार देकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उस कामयाबी के बाद वह 2006 में ऑस्ट्रेलिया लौट गए थे, लेकिन अब दो दशक बाद फिर से इंग्लैंड क्रिकेट सिस्टम का हिस्सा बन गए हैं।
अपने नए रोल में ट्रॉय कूली इंग्लैंड के पूरे मेंस क्रिकेट ढांचे में तेज गेंदबाजों के विकास और ट्रेनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसमें यंग लायंस, इंग्लैंड लायंस और सीनियर टीम सभी शामिल हैं। ECB का मानना है कि कूली का अनुभव इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी को नई ऊंचाई देने में मदद करेगा। बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने कहा कि ट्रॉय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कोचों में से एक हैं और दो दशक से ज्यादा का उनका रिकॉर्ड खुद उनकी काबिलियत को साबित करता है। उन्होंने अलग अलग हालात में विश्व स्तर के तेज गेंदबाज तैयार किए हैं, जो इंग्लैंड क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम साबित होगा।
Welcome back, Troy! 👋 Troy Cooley has been appointed as the Men’s Elite National Pace Bowling Lead 👏 Full story ⬇️ — England Cricket (@englandcricket) January 21, 2026
इंग्लैंड में अपने पहले कार्यकाल के बाद ट्रॉय कूली ने करीब 15 साल तक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के नेशनल परफॉर्मेंस प्रोग्राम में काम किया। इस दौरान उन्होंने कई युवा गेंदबाजों को तराशा और इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए तैयार किया। इसके बाद साल 2021 में वह भारत आए और बीसीसीआई की नेशनल क्रिकेट एकेडमी में फास्ट-बॉलिंग कोच के रूप में जुड़े। भारत में रहते हुए उन्होंने युवा भारतीय गेंदबाजों के साथ तकनीक और फिटनेस पर खास काम किया।
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कूली ने अपनी नई जिम्मेदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह बीसीसीआई और वीवीएस लक्ष्मण के नेतृत्व वाली टीम के आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें बेहतरीन माहौल में काम करने का मौका दिया। इंग्लैंड क्रिकेट से दोबारा जुड़ना उनके लिए रोमांचक चुनौती है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के पास वर्ल्ड क्लास पेस-बॉलिंग टैलेंट है और उनका लक्ष्य तकनीक, प्रदर्शन और आत्मविश्वास को एक साथ जोड़ते हुए गेंदबाजों को आगे बढ़ने में मदद करना होगा। अब देखना होगा कि ट्रॉय कूली की यह वापसी इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी को कितना मजबूत बना पाती है।