3 हार के बाद ट्रॉफी जीतने वाली पहली महिला टीम बनी भारत, शेफाली व हरमन के नाम दर्ज हुआ ये खास रिकॉर्ड

IND vs SA: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर आईसीसी वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 जीत लिया। दीप्ति शर्मा और शैफाली वर्मा के शानदार प्रदर्शन से भारत चैंपियन बनी।
3 हार के बाद ट्रॉफी जीतने वाली पहली महिला टीम बनी टीम इंडिया, शेफाली व हरमन के नाम खास रिकॉर्ड
महिला वनडे विश्वकप 2025 का खिताब जीतने के बाद जश्न मनाती भारतीय टीम (फोटो- @ICC)
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Indian Women's Cricket Team Create History: भारतीय टीम ने महिला विश्व कप 2025 का खिताब जीत के बाद कई ऐसे कीर्तिमान बनाए लिए हैं, जिन्हें आप जानना चाहेंगे। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने अपना पहला आईसीसी खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। 2005 और 2017 में इतिहास रचने से चूकने वाली भारतीय टीम ने डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में 52 रन से जीत दर्ज कर कई अनोखे रिकॉर्ड बनाए।

3 हार के बाद ट्रॉफी जीतने का कारनामा

महिला वनडे विश्व कप यह पहली बार हो रहा है, जब महिला वनडे विश्व कप में किसी टीम ने टूर्नामेंट में तीन मैच हारने के बाद भी खिताब जीतने का कारनामा कर दिखाया है। हालांकि पुरुषों के टूर्नामेंट में यह दो बार हुआ है। आपको याद होगा कि पाकिस्तान 1992 में 3 मैच हारने के बाद चैंपियन बना था। इसके बाद 2019 में इंग्लैंड ने 3 हार के बाद ट्रॉफी जीतने में सफलता पायी है।

शफाली वर्मा सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी

शफाली वर्मा 21 साल 279 दिन की उम्र में 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब जीता। शफाली वर्मा सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी हैं, जिन्होंने पुरुष या महिला वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल या फाइनल में 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीता है ।

हरमनप्रीत कौर सबसे उम्रदराज कप्तान

हरमनप्रीत कौर 36 साल 239 दिन की उम्र में ट्रॉफी जीती है। हरमनप्रीत कौर सबसे उम्रदराज कप्तान हैं जिन्होंने महिला विश्व कप जीता है।

महिला वनडे विश्व कप विजेता

  • 7 बार - ऑस्ट्रेलिया (1978, 1982, 1988, 1997, 2005, 2013, 2022)
  • 4 बार - इंग्लैंड (1973, 1993, 2009, 2017)
  • 1 बार - न्यूज़ीलैंड (2000)
  • 1 बार- भारत (2025)

मैच का हाल

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका के सामने महिला वनडे विश्वकप 2025 के फाइनल मुकाबले में 298 रन का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में साउथ अफ्रिका 246 रन पर सिमट गई। टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत की हीरो शैफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा रही। उन्होंने पहले बल्लेबाजी में 78 गेंदों का सामना करते हुए 87 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। इसके बाद गेंदबाजी में मुश्किल वक्त के दौरान 2 अहम विकेट निकाले। उन्होंने 7 ओवर में महज 36 रन खर्च किए। उनके इस प्रदर्शन के लिए शैफाली वर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड दिया गया। वहीं, दीप्ति शर्मा ने अर्धशतकीय पारी खेलकर गेंदबाजी में 5 विकेट अपने नाम किए।

दीप्ति शर्मा की अर्धशतकीय पारी

शैफाली वर्मा के अलावा बल्लेबाजी में टीम इंडिया के लिए इसके अलावा दीप्ति शर्मा 58 रन बनाकर नाबाद रही। वहीं, शुरआत में सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 45 रन का योगदान दिया। इसके अलावा अंत में ऋचा घोष ने 34 रन की तेज तर्रार पारी खेली। साउथ अफ्रीका के लिए मुकाबले में सबसे ज्यादा 3 विकेट अयाबोंगा खाका ने लिए। इसके अलावा नॉनकुलुलेको म्लाबा, नादिन डी क्लार्क और क्लो ट्रायॉन को 1-1 विकेट मिला।

काम नहीं आई कप्तान लौरा वोल्वार्ट की शतकीय पारी

इस मैच में साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ट ने शतकीय पारी खेली। उन्होंने अपनी टीम को जीत के लिए बहुत कोशिश की, लेकिन वो 101 रन के स्कोर पर दीप्ति शर्मा को अपना विकेट दे बैठी। उनके अलावा एनेरी डर्कसेन ने 37 गेंदों का सामना करते हुए 35 रन की पारी खेली। वहीं, सुने लुस ने 25 तो शुरुआत में ताज़मिन ब्रिट्स 23 रन बना

गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा ने सबसे ज्यादा विकेट लिए। उन्होंने खिताब मुकाबले में 5 साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों को आउट कर उनकी कमर तोड़ने का काम किया। इसके अलावा शैफाली वर्मा ने मुश्किल वक्त में 2 अहम विकेट अपने नाम किए। उन्होंने मारिजेन कैप और सुने लुस को अपना शिकार बनाया। वहीं, श्री चरणी भी 1 विकेट लेने में कामयाब रही।

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