Sourav Ganguly Birthday: 54 साल के सौरव गांगुली की पूरी जीवन यात्रा, जन्मदिन पर जानें ‘दादा’ के अनसुने किस्से
Sourav Ganguly Untold Stories: भारतीय क्रिकेट के 'महाराज' सौरव गांगुली के जन्मदिन पर उनके शानदार करियर की शुरूआत और ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के बारे में जानें।
- Written By: सृष्टि मौर्य
सौरव गांगुली (सोर्स -AIइमेज )
Sourav Ganguly Life Story: 8 जुलाई 1972 को कोलकाता में जन्मे सौरव गांगुली, चंडीदास और निरूपा गांगुली के छोटे बेटे हैं। सौरव गांगुली ने अपनी शुरुआती पढ़ाई कोलकाता के मशहूर सेंट जेवियर्स कॉलेजिएट स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए उसी कॉलेज में, कोलकाता से कॉमर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। उनके पिता शहर का प्रिंटिंग का बड़ा बिजनेस था। गांगुली का बचपन बेहद सुख-सुविधाओं और ठाठ-बाठ में बीता, यही वजह है कि बचपन में प्यार से उन्हें ‘महाराज’ नाम दिया गया।
परिवार और निजी जिंदगी
सौरव गांगुली ने मशहूर ओडिसी नृत्यांगना डोना गांगुली (रॉय) से 12 अगस्त 1996 में शादी की। दोनों कोलकाता के बेहाला इलाके में बचपन से पड़ोसी थे। परिवारों के बीच मतभेद होने की वजह से दोनों ने गुपचुप कोर्ट मैरिज (मैरिज रजिस्ट्रेशन) कर ली। बाद में दोनों परिवारों ने रिश्ते को स्वीकार कर लिया और फरवरी 1997 में उनकी पारंपरिक रीति-रिवाजों से शादी हुई। सौरव और डोना की एक बेटी है, जिसका नाम सना गांगुली है। वहीं, उनके पिता चंडीदास गांगुली कोलकाता के जाने-माने कारोबारी थे और प्रिंटिंग व पेपर का बड़ा कारोबार चलाते थे। उनका निधन साल 2013 में एक बड़ी बामारी के कारण हुआ था।
सौरव गांगुली का परिवार (सोर्स -सोशल मीडिया)
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गांगुली के क्रिकेट करियर की शुरुआत
कोलकाता के माहौल के कारण सौरव गांगुली पहले फुटबॉल के दीवाने थे, लेकिन उनकी मां उनके खेल के खिलाफ थीं। जब वो 10वीं में थे, तब बंगाल टीम के क्रिकेटर और बड़े भाई स्नेहाशीष ने उनके सपने का साथ दिया और पिता से कहकर समर कैंप में एडमिशन कराया। अपनी बेहतरीन खेल कला के दम पर गांगुली ने 1989 में बंगाल के लिए शानदार डेब्यू किया। ये क्रिकेट इतिहास का एक भावुक पल भी था, क्योंकि जिस साल सौरव गांगुली ने टीम में एंट्री की, ठीक उसी साल उनके बड़े भाई को बंगाल टीम से बाहर (ड्रॉप) कर दिया गया था।
सौरव गांगुली (सोर्स – सोशल मीडिया)
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‘दादा’ के नाम दर्ज हैं कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
सौरव गांगुली अपने जूनियर खिलाड़ियों को हमेशा सपोर्ट और गाइड करते थे, उनके इसी बड़े भाई जैसे अंदाज की वजह से पूरी टीम उन्हें सम्मान से ‘दादा’ बुलाने लगी। भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले सौरव गांगुली ने अपनी तेजतरार्र कप्तानी और शानदार बल्लेबाजी से टीम इंडिया की तस्वीर बदल दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2002 ICC चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब साझा किया और 2000 ICC चैंपियंस ट्रॉफी, 2003 क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2004 एशिया कप के फाइनल तक का सफर तय किया। उन्होंने साल 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया, और 2012 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह दिया।
आइए नजर डालते हैं क्रिकेट की दुनिया में ‘दादा’ के उन ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स पर
| रिकॉर्ड | विवरण / आंकड़े | खासियत |
|---|---|---|
| चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर | न्यूजीलैंड के खिलाफ 117 रन (साल 2000) | चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के इतिहास में आज तक किसी भी बल्लेबाज ने इससे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर नहीं बनाया है। |
| वनडे इतिहास की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी | सचिन तेंदुलकर के साथ 8,227 रन (176 पारियां) | 48 से अधिक के औसत वाली इस जोड़ी के अलावा आज तक कोई भी दूसरी ओपनिंग जोड़ी 6,000 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सकी है। |
| बाएं हाथ के भारतीय बल्लेबाज का टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर | पाकिस्तान के खिलाफ 239 रन (साल 2007) | टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से किसी भी बाएं हाथ के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया यह अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। |
क्रिकेट से संन्यास और नई जिम्मेदारियां
सौरव गांगुली ने नवंबर 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। इसके बाद कुछ समय तक घरेलू क्रिकेट और IPL में खेलने के बाद उन्होंने साल 2012 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी सौरव गांगुली खेल से जुड़े रहे। वो IPL स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले की जांच के लिए गठित जस्टिस मुद्गल समिति का हिस्सा रहे। इसके बाद 2015 से 2019 तक उन्होंने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
अक्टूबर 2019 में उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का अध्यक्ष बनाया गया। इसके साथ ही उन्होंने क्रिकेट से जुड़े कई प्रशासनिक और संपादकीय कार्यो में भी अहम भूमिका निभाई। मौजूदा समय में गांगुली क्रिकेट कमेंट्री और विशेषज्ञ विश्लेषण के जरिए भी खेल से जुड़े हुए हैं। टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर वह अक्सर बड़े मैचों के दौरान अपनी राय और अनुभव साझा करते नजर आते हैं।
