वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी ने रचा इतिहास, दिमित्रोव को हराकर पहली क्वार्टर फाइनल में पहुंचे

Wimbledon 2026: 23 साल के आर्थर फेरी ने गजब का खेल दिखाते हुए ग्रिगोर दिमित्रोव को हरा दिया है। इतिहास रचकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले फेरी अब इकलौते ब्रिटिश खिलाड़ी बचे हैं।
Wildcard player Arthur Fery makes history, reaches first quarter-final by defeating Dimitrov.
आर्थर फेरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Wild Card Arthur Fery Creates History: लंदन में चल रहे विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। घरेलू दर्शकों के चहेते खिलाड़ी आर्थर फेरी ने शानदार वापसी करते हुए पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने पूर्व विश्व नंबर-3 ग्रिगोर दिमित्रोव को एक बेहद रोमांचक और कांटे के मुकाबले में 7-5, 3-6, 4-6, 6-4, 7-6 (10-7) से हराकर यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम की।

यह मैच टेनिस इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है, क्योंकि ग्रैंड स्लैम के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब पुरुष एकल के प्री-क्वार्टरफाइनल या उससे आगे के दौर में दो वाइल्ड कार्ड खिलाड़ियों की टक्कर हुई थी।

दिमित्रोव की किस्मत ने फिर बदला पासा

दिमित्रोव के लिए विंबलडन का यह दौर एक बार फिर किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। पिछले साल भी वह इसी दौर में यानिक सिनर के खिलाफ दो सेट की बढ़त बनाने के बाद सीने की मांसपेशी में चोट के कारण बाहर हो गए थे। इस बार भी वह ब्रिटेन के तीसरे नंबर के खिलाड़ी आर्थर फेरी के खिलाफ दो सेट से एक की बढ़त पर चल रहे थे।

चौथे सेट में दिमित्रोव के पास दो बार सर्विस ब्रेक की बढ़त थी और जब वह 4-3 और 15-0 से आगे थे, तब अचानक वह लगातार 11 अंक गंवा बैठे। दिमित्रोव के खेल में आए इस अचानक बदलाव का पूरा फायदा 23 साल के युवा फेरी ने उठाया और मैच को बराबरी पर ला खड़ा किया।

सेंटर कोर्ट पर फेरी का शानदार मैच्योरिटी शो

सेंटर कोर्ट पर अपना पहला ही मुकाबला खेल रहे आर्थर फेरी ने अपनी उम्र से कहीं बढ़कर समझदारी, हुनर और हिम्मत का प्रदर्शन किया। आखिरी और निर्णायक सेट के बेहद दबाव वाले टाई-ब्रेकर में उन्होंने पहला ही मैच प्वाइंट भुना लिया। दिमित्रोव का बैकहैंड शॉट जैसे ही नेट में जा फंसा, फेरी ने जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया।

इस जीत के साथ ही फेरी अब विंबलडन के पुरुष एकल ड्रॉ में बचे एकमात्र ब्रिटिश खिलाड़ी रह गए हैं। वे ओपन युग में विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाले महज छठे ब्रिटिश पुरुष खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले यह कमाल एंडी मरे, टिम हेनमैन, रोजर टेलर, ग्रेग रुसेडस्की और कैमरून नॉरी जैसे दिग्गज ही कर पाए हैं।

मैच में लगा दी रिकॉर्ड्स की झड़ी

इसके साथ ही फेरी ओपन युग में विंबलडन पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले केवल पांचवें वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी बन गए हैं। साल 2014 में निक किर्गियोस (विश्व नंबर 144) के बाद वह पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जो टॉप-100 रैंकिंग से बाहर रहते हुए इस मुकाम तक पहुंचे हैं। आपको बता दें कि इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत फेरी की टॉप-100 रैंकिंग में एंट्री पहले ही पक्की हो चुकी है।

फेरी इससे पहले कभी किसी ग्रैंड स्लैम के दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ पाए थे। अब क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला फ्रेंच ओपन के उपविजेता फ्लावियो कोबोली से होगा। कोबोली ने पांचवीं वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनॉर को 7-5, 7-6 (4), 6-3 से हराकर आगे का टिकट कटाया है। पेरिस में जन्मे फेरी को फैंस प्यार से 'क्रॉस-चैनल फेरी' भी कहते हैं।

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