IND W vs SA W: मयस्सर नहीं हुआ शतक…लेकिन रच डाला इतिहास, ऋचा घोष ने मैदान पर मचाई सनसनी
Richa Ghosh 94 against South Africa: भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने महिला वनडे विश्व कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 94 रन की दमदार पारी खेलकर टीम को संकट से निकाला और नया रिकॉर्ड बनाया।
- Written By: संजय बिष्ट
ऋचा घोष (फोटो- @BCCI)
Women’s ODI World Cup 2025: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने ICC महिला वनडे विश्व कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलते हुए कमाल का प्रदर्शन किया। ऋचा घोष ने इस मैच में 77 गेंदों में 94 रन की दमदार पारी खेलकर भारतीय टीम को संकट से बाहर निकाला। उन्होंने 11 चौके और 4 छक्के लगाते हुए अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखाई। अंतिम ओवर में शतक तक पहुंचने का मौका मिलते-मिलते ऋचा ने सिक्स लगाने की कोशिश में कैच आउट हो गईं।
ऋचा घोष ने रचा इतिहास
ऋचा घोष इस पारी के साथ महिला वनडे विश्व कप में सबसे बड़ी पारी खेलने वाली भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज बन गई हैं। इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने पूर्व भारतीय खिलाड़ियों फौजीह खलीली और अंजू माने को पीछे छोड़ दिया। खलीली ने साल 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ 88 रन की पारी खेली थी, जबकि अंजू ने 1993 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 84 रन बनाए थे। अब ऋचा इस मामले में टॉप पर पहुंच गई हैं।
टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज का प्रदर्शन निराशाजनक
भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की शुरुआत की। पहले विकेट के लिए प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना ने 10.2 ओवर में 55 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दी। हालांकि, मंधाना 23 रन बनाकर आउट हुईं और प्रतिका रावल ने 37 रन बनाए। इसके बाद टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा। हरलीन देओल 13, कप्तान हरमनप्रीत कौर 9, जेमिमा रोड्रिग्स शून्य पर आउट हुईं। दीप्ति शर्मा और अमनजोत कौर ने क्रमशः 4 और 13 रन बनाए।
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ऋचा के करियर का सातवां अर्धशतक
भारतीय टीम 40 ओवर में 153 रन पर 7 विकेट गंवाकर मुश्किल में थी। इस समय ऋचा घोष ने मैदान संभाला और अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने वनडे करियर का सातवां अर्धशतक लगाया। ऋचा ने स्नेहर राणा के साथ आठवें विकेट के लिए 53 गेंदों में 88 रन की अहम और तेज साझेदारी की। स्नेहर ने 24 गेंदों में 33 रन बनाए और 6 चौके लगाए।
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ऋचा की यह पारी न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि रही, बल्कि भारतीय टीम के लिए भी निर्णायक साबित हुई। उनके साहस और बल्लेबाजी की क्षमता ने टीम को 251 रन तक पहुँचाने में मदद की। ऋचा घोष की शानदार पारी और नौंवे विकेट के रूप में आउट होना दर्शाता है कि उन्होंने टीम को संकट के समय मजबूती दी और मैच को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में अहम योगदान दिया।
