Ranji Trophy में इतिहास रचने के करीब जम्मू-कश्मीर, 67 साल बाद जीतेगा पहला खिताब
Ranji Trophy Final: आकिब नबी और कामरान इकबाल की शानदार पारियों से जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक पर विशाल बढ़त हासिल की और 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतने के बेहद करीब पहुंची।
- Written By: उज्जवल सिन्हा
आकिब नबी जम्मू-कश्मीर टीम के साथ (फोटो-सोशल मीडिया)
Karnataka vs Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट टीम रणजी ट्रॉफी 2025-26 में इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंच गई है। अनुभवी तेज गेंदबाज आकिब नबी और सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल के शानदार प्रदर्शन की बदौलत शुक्रवार को चौथे दिन कर्नाटक के खिलाफ विशाल बढ़त हासिल करने के साथ ही टीम ने अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने की करीब पहुंच गई है।
चौथे दिन की शुरुआत में नबी ने अपने स्पेल के दौरान कर्नाटक की टीम को पहली पारी में 293 रन पर समेट दिया। उन्होंने 54 रन देकर पांच महत्वपूर्ण विकेट झटके, जिससे कर्नाटक की पारी में बड़ी बल्लेबाजी साझेदारियों को तोड़ने में मदद मिली। नबी के इस प्रदर्शन के बाद जम्मू-कश्मीर ने पहले पारी में 291 रन की बढ़त ले ली थी। उनकी लगातार शानदार गेंदबाजी ने कर्नाटक के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी।
मयंक अग्रवाल की शतकीय पारी
कर्नाटक की पारी में पूर्व कप्तान मयंक अग्रवाल ने 266 गेंदों में 160 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की। उन्होंने छठे विकेट के लिए कृतिक कृष्णा के साथ 80 से अधिक रन जोड़कर टीम को उम्मीद दी, लेकिन नबी के प्रभावी गेंदबाजी और विकेटों ने उनकी कोशिशों को नाकाम कर दिया। साहिल लोत्रा और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सुनील कुमार ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर कर्नाटक पर दबाव बनाए रखा।
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शुरुआती झटके के बाद संभला जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर की दूसरी पारी में कर्नाटक ने अच्छी शुरुआत की और 11 रन पर दो विकेट झटक लिए। लेकिन इकबाल ने कप्तान पारस डोगरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 61 रन और फिर अब्दुल समद के साथ चौथे विकेट के लिए 73 रन की अहम साझेदारी निभाई। इकबाल ने नाबाद 94 रन बनाकर टीम को सुरक्षित स्थिति में पहुंचाया।
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पहुंचे मैच देखने
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ऐतिहासिक खिताब जीतते देखने के लिए हुबली पहुंचे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के पूर्व प्रशासक मिथुन मन्हास भी अंतिम दिन मैच देखने के लिए मौजूद रहेंगे। यदि जम्मू-कश्मीर यह मुकाबला जीतती है, तो यह टीम के लिए 67 साल में पहला रणजी ट्रॉफी खिताब होगा। इस जीत से न सिर्फ टीम बल्कि पूरे राज्य के क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा। आकिब नबी और कामरान इकबाल का प्रदर्शन, कप्तान पारस डोगरा का नेतृत्व और टीम के हर खिलाड़ी का समर्पण इस ऐतिहासिक सफलता की कुंजी बन रहा है।
