जोनाथन ट्रॉट (फोटो-सोशल मीडिया)
Jonathan Trott Gets Emotional: अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के पिछले चार साल से कोच रहे इंग्लैंड के पूर्व जोनाथन ट्रॉट ने अपने कार्यकाल से अलविदा कह दिया है। चार साल के सफल और भावनात्मक कार्यकाल के बाद अपनी भूमिका से ट्रॉट ने विदाई ले ली। ट्रॉट ने अपने कार्यकाल में टीम के व्यक्तिगत और पेशेवर विकास को देखने पर विशेष गर्व व्यक्त किया।
अफगानिस्तान ने सुपर आठ चरण की दौड़ से बाहर होने के बाद अपने अंतिम ग्रुप मैच में कनाडा को 82 रन से हराकर अपना अभियान समाप्त किया। इस मैच के बाद ट्रॉट ने कहा कि वह इस टीम के साथ बिताए गए समय से संतुष्ट हैं, लेकिन भावनाओं से अभिभूत भी हैं।
ट्रॉट ने बताया कि उन्हें यह अवसर सौभाग्य से मिला। पहले यह पद इंग्लैंड के उनके साथी ग्राहम थोर्प को दिया जाना था, लेकिन वह इसे स्वीकार नहीं कर सके। 44 वर्षीय ट्रॉट ने इस पद को पूरे जोश और समर्पण के साथ स्वीकार किया और टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी खिलाड़ियों के व्यक्तिगत विकास को देखना रहा। उन्होंने मैदान पर ही नहीं, बल्कि अपने परिवार और जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाया। इस खेल के माध्यम से उनका यह विकास देखना मेरे लिए बेहद संतोषजनक रहा।”
ट्रॉट ने टीम के प्रदर्शन के बारे में भी कहा कि टूर्नामेंट के दौरान कभी-कभी भाग्य उनके पक्ष में नहीं रहा। उन्होंने विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर ओवर में मिली हार का जिक्र किया और कहा, “अगर हम वह मैच जीत गए होते तो दक्षिण अफ्रीका अगले मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ अलग रणनीति अपनाती।”
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उनके कार्यकाल में अफगानिस्तान ने 2023 वनडे विश्व कप में सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने के करीब पहुंचा और 2024 टी20 विश्व कप के नॉकआउट चरण में जगह बनाई। ट्रॉट का कहना है कि उनके लिए टीम का मैदान पर प्रदर्शन उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खिलाड़ियों का व्यक्तिगत और मानसिक विकास है। विदाई के मौके पर ट्रॉट ने सभी खिलाड़ियों और अफगानिस्तान क्रिकेट समुदाय को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि यह अवसर उनके लिए केवल सौभाग्य और अनुभव से भरा रहा।