फिन एलन और दिग्वेश राठी (फोटो- सोशल मीडिया)
KKR vs LSG: आईपीएल 2026 के 19वें सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स अपने होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुकाबला खेल रही है। इस मैच में टॉस हारने के बाद कोलकाता की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। ओपनिंग बल्लेबाज फिन एलन पारी के दूसरे ओवर में ही 9 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद उनके विकेट को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
फिन एलन ने प्रिंस यादव की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी किनारे पर लगकर थर्ड मैन की दिशा में हवा में चली गई। वहां फील्डिंग कर रहे दिग्वेश सिंह राठी ने शानदार कैच लपक लिया। हालांकि कैच लेते समय उनका पैर बाउंड्री लाइन के काफी करीब था, जिससे यह संदेह पैदा हुआ कि कहीं उनका पैर लाइन को छू तो नहीं गया।
कैच के दौरान टीवी रिप्ले में यह साफ दिखा कि दिग्वेश सिंह राठी का पैर बाउंड्री लाइन के बेहद पास था। इतना ही नहीं, कैच लेने के बाद बाउंड्री के पास लगी विज्ञापन पट्टी भी हल्की हिलती हुई नजर आई, जिससे विवाद और गहरा गया। इसके बावजूद मैदान पर मौजूद अंपायर ने इस कैच को सही करार दिया और मामले को तीसरे अंपायर के पास नहीं भेजा।
इस फैसले के बाद अंपायरिंग पर सवाल उठने लगे हैं। कई लोगों का मानना है कि इतने करीबी फैसले को तीसरे अंपायर के पास भेजा जाना चाहिए था, ताकि पूरी तरह स्पष्टता मिल सके। वहीं फिन एलन भी बिना किसी अपील के सीधे पवेलियन लौट गए, जिससे समीक्षा का मौका नहीं मिल पाया।
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अगर इस पूरे घटनाक्रम पर नजर डालें तो सबसे बड़ी जिम्मेदारी फील्ड अंपायर की मानी जा रही है, जिन्होंने इतने करीबी कैच को जांच के लिए नहीं भेजा। इसके अलावा बल्लेबाज की ओर से भी थर्ड अंपायर की मांग नहीं की गई। ऐसे में यह विवाद लंबे समय तक चर्चा में रह सकता है। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि आधुनिक क्रिकेट में तकनीक का सही उपयोग कितना जरूरी है, खासकर तब जब मैच के अहम मोड़ पर इस तरह के करीबी फैसले सामने आते हैं।