खेल मंत्री मनसुख मांडविया के हस्तक्षेप के बाद 24 जुलाई 2025 को IOA अध्यक्ष पी.टी. उषा और विरोध कर रहे कार्यकारी सदस्यों के बीच एक समझौता हुआ। इस समझौते के बाद रघुराम अय्यर की IOA के सीईओ पद पर नियुक्ति को औपचारिक मंजूरी दी गई। इसके अलावा 13 अगस्त 2025 को IOA की आम सभा आयोजित की गई, जिसमें लंबित रिपोर्टों और ऑडिट किए गए वित्तीय विवरणों को स्वीकृति दी गई। इसी बैठक में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी के लिए भारत की बोली को भी मंजूरी दी गई।
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IOC के अधिकारी जेम्स मैकलियोड ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को लिखे अपने पत्र में कहा कि उन्होंने देखा है कि पिछले कुछ हफ्तों में IOA ने कई अहम सुधारात्मक कदम उठाए हैं। संगठन के भीतर लंबे समय से चले आ रहे विवाद अब सुलझ चुके हैं और सभी सदस्य एकजुट होकर सहयोग की भावना से आगे बढ़ने को तैयार हैं। इसी के चलते, IOC ने यह फैसला लिया है कि IOA को मिलने वाला फंड फिर से शुरू किया जाएगा और दोनों संगठनों के बीच सामान्य कार्य संबंध बहाल कर दिए जाएंगे।
