चिंगलपुत दोराइकन्नु गोपीनाथ (फोटो- सोशल मीडिया)
CD Gopinath Passes Away: भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सीडी गोपीनाथ का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने चेन्नई के अड्यार स्थित अपनी बेटी के घर पर अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही भारतीय क्रिकेट के एक सुनहरे दौर का अध्याय भी समाप्त हो गया।
सीडी गोपीनाथ भारतीय टीम के सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल थे और देश की पहली टेस्ट जीत का हिस्सा रहने वाली टीम के अंतिम जीवित सदस्य थे। इससे पहले 2024 में दत्ता गायकवाड़ के निधन के बाद वह इस ऐतिहासिक टीम के आखिरी सदस्य रह गए थे।
तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। संघ ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का सच्चा अग्रदूत बताते हुए कहा कि उनकी विरासत हमेशा इस खेल के इतिहास में जीवित रहेगी।
1 मार्च 1930 को चेन्नई में जन्मे गोपीनाथ ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्हें भारतीय टीम में मौका मिला। उन्होंने 1951-52 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और अपने पहले ही मैच में नाबाद अर्धशतक लगाकर प्रभावित किया। उसी सीरीज में उन्होंने ब्रेबोर्न स्टेडियम में भी बेहतरीन पारी खेली।
गोपीनाथ भारत की पहली टेस्ट जीत का हिस्सा रहे, जो चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ दर्ज की गई थी। इस मुकाबले में उन्होंने 35 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और वीनू मांकड़ की गेंद पर ब्रायन स्टैथम का अहम कैच भी पकड़ा। उस मैच में मांकड़ ने कुल 12 विकेट लेकर टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।
अपने टेस्ट करियर में सीडी गोपीनाथ ने 8 मैचों में 22 की औसत से 242 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल रहा। इसके अलावा उन्होंने एक विकेट भी हासिल किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 83 मैचों में 4259 रन बनाए, जिसमें 9 शतक शामिल थे, साथ ही 14 विकेट भी अपने नाम किए।
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खेल से संन्यास के बाद भी गोपीनाथ क्रिकेट से जुड़े रहे। उन्होंने मद्रास टीम की कप्तानी की और बाद में राष्ट्रीय चयनकर्ता तथा चयन समिति के अध्यक्ष भी बने। 1979 के इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने भारतीय टीम के मैनेजर की भूमिका निभाई। भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा और उनका नाम इतिहास में सम्मान के साथ लिया जाता रहेगा।