

IND A vs SL A 1st Inning Highlight: इंडिया-ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ट्राई सीरीज फाइनल में एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश किया। उनकी तेजतर्रार पारी की बदौलत टीम ने शुरुआत से ही श्रीलंका-ए के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन ठोकते हुए रनगति को नई ऊंचाई दी और बड़े स्कोर की नींव रखी।
वैभव के आउट होने के बाद ऐसा लग रहा था कि इंडिया-ए आसानी से 400 रन का आंकड़ा पार कर जाएगी, लेकिन मध्य ओवरों में बल्लेबाज अपेक्षित तेजी नहीं दिखा सके। रन बनने की रफ्तार धीमी पड़ गई और टीम का स्कोर कुछ समय के लिए 350 तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण नजर आने लगा। कप्तान तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभालते हुए अर्धशतक जरूर लगाया, लेकिन उनकी पारी अपेक्षाकृत धीमी रही। उन्होंने 90 गेंदों में चार चौकों और एक छक्के की मदद से 67 रन बनाए।
पारी के अंतिम ओवरों में अनुकूल रॉय ने आक्रामक अंदाज अपनाकर टीम को शानदार फिनिश दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों में 39 रनों की तेज पारी खेली और श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की बदौलत इंडिया-ए का स्कोर तेजी से आगे बढ़ा और टीम निर्धारित 50 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 377 रन तक पहुंचने में सफल रही।
वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत, तिलक वर्मा की संयमित पारी और अनुकूल रॉय की तूफानी फिनिशिंग ने मिलकर इंडिया-ए को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। बीच के ओवरों में रनगति धीमी होने के बावजूद अंतिम ओवरों में आए तेजी के कारण टीम ने 377 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा कर दिया, जिससे फाइनल मुकाबले में श्रीलंका-ए पर दबाव बन गया।
भारत ए: प्रियांश आर्या, वैभव सूर्यवंशी, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), सूर्यांश शिगडे, निशांत सिंधु, अनुकूल रॉय, विप्रज निगम, अशोक शर्मा, यश ठाकुर।
श्रीलंका ए: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिदु फर्नांडो, सदीरा समाराविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, मोहम्मद शिराज, विजयकांत वियास्कंथ, दुलज समुदिथा, कुगथास मथुलन।