यादगार पारी खेल भी महारिकॉर्ड से चूके वैभव सूर्यवंशी, आउट होने के बाद मायूस हुआ 15 साल के बल्लेबाज का चेहरा

Vaibhav Sooryavanshi: श्रीलंका के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी शानदार लय में दिखे, लेकिन 94 रन पर आउट होकर बड़ा रिकॉर्ड बनाने से चूक गए। पवेलियन लौटते समय उनके चेहरे पर निराशा साफ नजर आई।
Vaibhav Suryavanshi misses out on a massive record despite playing a memorable innings; the 15-year-old batter looked dejected after getting out.
वैभव सूर्यवंशी (फोटो- AI जनरेटेड)
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IND A vs SL A Final Vaibhav Sooryavanshi: ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सिर्फ 15 साल की उम्र में उन्होंने ऐसी पारी खेली जिसने गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया। वैभव ने महज 29 गेंदों में 94 रन बनाते हुए 324 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बटोरे और शुरुआत से ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा।

उनकी इस तूफानी पारी में चौकों और छक्कों की बारिश देखने को मिली। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इस उपलब्धि के साथ एक नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। फाइनल जैसे बड़े मंच पर उनका यह प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के भविष्य की शानदार झलक माना जा रहा है।

सबसे तेज लिस्ट ए शतक से कुछ कदम दूर रह गए

अर्धशतक तक पहुंचने के बाद ऐसा लगने लगा था कि वैभव एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर लेंगे। उनके पास लिस्ट ए क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने का सुनहरा अवसर था। हालांकि 94 रन के स्कोर पर उनकी पारी समाप्त हो गई और यह रिकॉर्ड उनके हाथ से फिसल गया। फिलहाल सबसे तेज लिस्ट ए शतक का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज जेक फ्रेजर-मैकगर्क के नाम दर्ज है, जिन्होंने तस्मानिया के खिलाफ सिर्फ 29 गेंदों में शतक पूरा किया था। वैभव यदि इससे पहले तीन अंकों तक पहुंच जाते तो वह इस रिकॉर्ड के नए मालिक बन जाते।

94 रन पर थमी पारी, चेहरे पर दिखी निराशा

शतक के बेहद करीब पहुंच चुके वैभव ने अगली गेंद पर भी आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे फील्डर के हाथों में चली गई। आउट होते ही उनके चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई दी। मैदान से लौटते समय वह काफी निराश नजर आए, क्योंकि ऐतिहासिक उपलब्धि उनसे कुछ ही रन दूर रह गई थी।

साल 2026 में नॉकआउट मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक खेले पांच नॉकआउट मैचों में चार अर्धशतक और एक शतक लगाया है। यही वजह है कि बड़े मैचों में उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद युवा बल्लेबाजों में गिना जाने लगा है। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन 29 गेंदों में 94 रनों की उनकी विस्फोटक पारी लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों की यादों में बनी रहेगी। यह पारी इस बात का संकेत भी है कि आने वाले समय में वैभव कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

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