
दुबई: दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकालबे में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। भारत ने फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया। इस जीत के साथ भारत ने 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इससे पहले यह खिताब धोनी की कप्तानी में जीता था। उससे पहले 2002 में भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। भारत ने इस सीरीज में लगातार पांच मुकाबले जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की।
ट्रॉफी के साथ-साथ चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम को पुरस्कार वितरण समारोह में सफेद ब्लेजर भी दिए गए। आईसीसी ने ट्रॉफी के साथ भारतीय टीम को ब्लेजर भी दिया। आईसीसी ने एक बयान में कहा था कि आईसीसी के इवेंट में हर मैच का अपना अलग महत्व है। जहां टीमें न केवल चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बल्कि ब्लेजर के लिए भी लड़ती है। जो बताता है कि इसे हासिल करने वाली टीम विश्व चैंपियन है।

चैंपियंस ट्रॉफी में विजेता टीम को मिलने वाली सफेद जैकेट सम्मान का प्रतीक है। जैकेट सामरिक प्रतिभा के लिए अथक प्रयास और पीढ़ियों को प्रेरित करने वाली विरासत का प्रतीक है। सफेद जैकेट जीतना जीत के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने की यात्रा को दर्शाता है।
फाइनल जीतने के बाद टीम विजेता टीम सफेद जैकेट पहनती है जो टूर्नामेंट के इतिहास को दिखाता है। यह प्लेयर्स को मैदान पर बेस्ट प्रदर्शन करने के लिए मोटिवेट करती है। पहली ICC चैंपियंस ट्रॉफी 1998 में बांग्लादेश में आयोजित की गई थी, लेकिन सफेद ब्लेजर पहली बार टूर्नामेंट के 2009 संस्करण के दौरान देखे गए थे। इसमें ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को 6 विकेट से हराया था।
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भारतीय टीम ने दुबई में 4 विकेट से न्यूजीलैंड की टीम को हराकर इतिहास रच दिया है। रोहित की सेना ने भारत के लिए तीसरी चैम्पियंस ट्रॉफी जीती है। मैच में रविन्द्र जडेजा ने विजयी चौका लगाकर जीत दिलायी। 49वें ओवर की आखिरी गेंद पर चौका जड़कर टीम ने यह खिताब अपने नाम कर लिया और 2000 में न्यूजीलैंड से मिली हार का बदला भी ले लिया।






