हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में अब नहीं दिखेगा Mohammad Azharuddin का नाम, HCA को लोकपाल ने दिया आदेश

हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन को राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम के नॉर्थ स्टैंड से मोहम्मद अज़हरुद्दीन का नाम हटाने का आदेश मिला है। लोकपाल ने इसे 'हितों का टकराव' करार देते हुए HCA को तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया है।
हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में अब नहीं दिखेगा Mohammed Azharuddin का नाम
मोहम्मद अजहरउद्दीन (फोटो-सोशल मीडिया)
Updated on

स्पोर्ट्स डेस्क: हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) को राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, हैदराबाद के नॉर्थ पवेलियन स्टैंड से पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन का नाम हटाने का आदेश दिया गया है। यह आदेश HCA के एथिक्स ऑफिसर और लोकपाल न्यायमूर्ति वी. ईश्वरैया ने शनिवार को दिया।

यह फैसला लॉर्ड्स क्रिकेट क्लब द्वारा दायर एक याचिका के आधार पर लिया गया, जिसमें अज़हरुद्दीन पर पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ उठाने का आरोप लगाया गया था। याचिका में कहा गया कि अज़हरुद्दीन ने नॉर्थ स्टैंड का नाम "मोहम्मद अज़हरुद्दीन स्टैंड" रखवाया, जबकि इस निर्णय को न HCA की जनरल बॉडी से मंजूरी मिली, न ही इसे अपेक्स काउंसिल ने अनुमोदित किया।

अज़हरुद्दीन पावर और पोजिशन का गलत इस्तेमाल किया

न्यायमूर्ति ईश्वरैया ने अपने 25 पन्नों के विस्तृत आदेश में कहा कि यह एक स्पष्ट और गंभीर हितों के टकराव (Conflict of Interest) का मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अज़हरुद्दीन ने अपनी पावर और पोजिशन का दुरुपयोग करते हुए अपने ही नाम पर स्टैंड का नामकरण किया, जो कि संगठनात्मक नियमों के खिलाफ है।

वीवीएस लक्ष्मण स्टैंड फिर से होगा स्थापित

लॉर्ड्स क्रिकेट क्लब की याचिका में अनुरोध किया गया था कि नॉर्थ स्टैंड को फिर से 'वीवीएस लक्ष्मण स्टैंड' के रूप में स्थापित किया जाए और सभी साइनबोर्ड, टिकट प्रिंटिंग आदि में यही नाम उपयोग में लाया जाए। अब HCA को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में किसी भी टिकट या साइनबोर्ड पर 'मोहम्मद अज़हरुद्दीन स्टैंड' का उल्लेख न हो। खेल जगत से जुड़ी अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अजहरुद्दीन इस फैसले को लेकर हाई कोर्ट जाएंगे

अजहरुद्दीन ने हितों के टकराव के सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह ईश्वरैया के आदेश को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। द हिंदू से बातचीत में अज़हरुद्दीन ने कहा कि इसमें कोई हितों का टकराव नहीं है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, मैं इस स्तर तक नहीं गिरना चाहता। क्रिकेट जगत इस एसोसिएशन पर हंसेगा। मैंने 17 साल देश के लिए क्रिकेट खेला, उसमें लगभग 10 साल टीम की कप्तानी की और वह भी विशिष्टता के साथ।

Navbharat Live
navbharatlive.com