हार्दिक पांड्या और नीतीश राणा (फोटो-सोशल मीडिया)
Hardik Pandya Gloves Controversy: वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए हाई-स्कोरिंग मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस को 18 रन से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने 240 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में मुंबई की टीम 222 रन पर सिमट गई। मुंबई के लिए मैच का सबसे बड़ा झटका रोहित शर्मा का चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होना रहा। हालांकि मुकाबले के बाद सबसे ज्यादा चर्चा हार्दिक पांड्या को लेकर हुई।
दरअसल, मैच के दौरान हार्दिक पांड्या ने ओवर के बीच में अपने ग्लव्स बदल लिए, जिस पर विवाद खड़ा हो गया। नियमों के अनुसार, कोई भी बल्लेबाज ग्लव्स, पैड या हेलमेट ओवर खत्म होने के बाद या निर्धारित ब्रेक में ही बदल सकता है। बीच ओवर में ऐसा तभी संभव है जब खिलाड़ी चोटिल हो या उपकरण खराब हो गया हो।
इस मामले ने इसलिए तूल पकड़ा क्योंकि एक दिन पहले ट्रिस्टन स्टब्स को इसी तरह की स्थिति में ग्लव्स बदलने की अनुमति नहीं दी गई थी। दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए मैच में स्टब्स ने पसीने की वजह से ग्लव्स बदलने की मांग की थी, लेकिन अंपायरों ने इसे खारिज कर दिया था।
हार्दिक को मिली अनुमति पर सवाल उठाते हुए आरसीबी के खिलाड़ी फाफ डु प्लेसिस ने भी मैदान पर ही आपत्ति जताई थी। सोशल मीडिया पर भी फैंस यही सवाल पूछ रहे हैं कि जब स्टब्स को अनुमति नहीं मिली, तो हार्दिक को क्यों छूट दी गई। जिसके बाद तरह-तरह का कमेंट और अंपायर के रवैये पर सवाल उठाया है।
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नियमों की बात करें तो इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और IPL के प्रावधानों में पसीने की वजह से बीच ओवर में ग्लव्स बदलने का स्पष्ट नियम नहीं है। हालांकि अंपायरों को कुछ स्थितियों में विवेकाधिकार दिया जाता है, जिसके तहत वे निर्णय ले सकते हैं। यही विवेकाधिकार इस विवाद की जड़ बन गया है, क्योंकि दो अलग-अलग मैचों में एक जैसी परिस्थितियों में अलग-अलग फैसले देखने को मिले। अब यह मुद्दा क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच बहस का विषय बना हुआ है।