

Danish Kaneria On Pakistan Cricket Team Performance: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खराब प्रदर्शन के बाद पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने टीम और क्रिकेट व्यवस्था पर जमकर सवाल उठाए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में शुरुआती दोनों मुकाबले गंवाने के बाद पाकिस्तान 0-2 से पीछे है। इस प्रदर्शन को लेकर कनेरिया ने कहा कि उन्होंने पिछले 70 साल में पाकिस्तान क्रिकेट की ऐसी स्थिति नहीं देखी।
कनेरिया के मुताबिक, हारना क्रिकेट का हिस्सा है, लेकिन टीम के खिलाड़ियों में मुकाबला करने और संघर्ष करने की भावना नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि टीम में हार की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है और लगातार कप्तान, कोच और टीम में बदलाव से स्थिति और खराब हो रही है।
कनेरिया ने पाकिस्तान की गेंदबाजी को सबसे बड़ी कमजोरी बताया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले तेज गेंदबाजों की जरूरत होती है, लेकिन पाकिस्तान के पास ऐसे गेंदबाज नहीं हैं।
उन्होंने मोहम्मद अब्बास और साजिद खान जैसे खिलाड़ियों को बाहर रखने के फैसले पर भी सवाल उठाया। कनेरिया ने कहा कि अब पाकिस्तान के पास न पहले जैसे तेज गेंदबाज हैं और न ही अच्छे स्पिनर।
पूर्व स्पिनर ने बल्लेबाजी को लेकर भी पाकिस्तान टीम की आलोचना की। उन्होंने बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोनों ही बल्लेबाज इस समय अपनी बल्लेबाजी को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
कनेरिया ने बाबर के तेज गेंदबाज के खिलाफ आउट होने को निराशाजनक बताया। उन्होंने रिजवान की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग को भी औसत करार दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान की टीम में सात बदलाव किए गए हैं। कनेरिया ने इसी फैसले को लेकर चयनकर्ताओं पर निशाना साधा। उनका सवाल था कि अगर इन खिलाड़ियों की जरूरत थी तो उन्हें पहले दो टेस्ट में मौका क्यों नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की टीम को मजबूत बनाने के लिए चयनकर्ताओं और कोच को घरेलू क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान देना होगा। उनके मुताबिक, घरेलू मैच देखने के बजाय सिर्फ दौरे पर जाकर टीम चुनने से पाकिस्तान क्रिकेट का नुकसान हो रहा है।
कनेरिया ने पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट ढांचे में हुए बदलाव को भी टीम की गिरती स्थिति की बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि पहले विभागीय क्रिकेट और घरेलू प्रतियोगिताओं से अच्छे खिलाड़ी सामने आते थे, लेकिन व्यवस्था बदलने के बाद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने के कम मौके मिल रहे हैं।
उन्होंने भारतीय क्रिकेट व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि बीसीसीआई खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना जरूरी कर रहा है। कनेरिया का मानना है कि पाकिस्तान को भी घरेलू क्रिकेट को मजबूत करना होगा।
कनेरिया ने बांग्लादेश के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि टीम में अच्छे तेज गेंदबाज और मजबूत कोचिंग व्यवस्था दिखाई दे रही है। उन्होंने श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा की भी तारीफ की और उनके बेहतर भविष्य की उम्मीद जताई।
उन्होंने श्रीलंका के कोच गैरी कर्स्टन की भी तारीफ की। कनेरिया के मुताबिक, युवा खिलाड़ियों को मौका मिलने से श्रीलंका आने वाले महीनों में मजबूत टीम बन सकती है। कनेरिया ने साफ कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट को बचाने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत है। खिलाड़ियों, चयनकर्ताओं, कोच और प्रशासन सभी की जिम्मेदारी तय करनी होगी।