

Devdutt Padikkal Becomes Player Of The Series: श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल और श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की, जबकि कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। पडिक्कल को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया, वहीं दिनुषा को दूसरे टेस्ट में बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला।
पडिक्कल ने इस सीरीज में 109.33 की औसत से कुल 328 रन बनाए। उन्होंने तीन पारियों में 167, 44 और 117 रन की शानदार पारियां खेलीं। चोटिल बी. साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में टीम में मौका पाने वाले पडिक्कल ने धीमी और स्पिन वाली पिचों पर अपनी बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया।
प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिलने के बाद पडिक्कल ने कहा कि व्यक्तिगत सम्मान मिलना खुशी की बात है, लेकिन अगर भारत को कोलंबो टेस्ट में जीत मिलती तो ये पल और भी खास होता। उन्होंने कहा कि दोनों टेस्ट मैचों की पिच काफी हद तक एक जैसी थीं और यहां बल्लेबाजी करना आसान नहीं था।
भारतीय टीम में वापसी को लेकर भी देवदत्त पडिक्कल ने अपनी सोच बताई। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलने की इच्छा ही उन्हें लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है। जब भी मौका मिलता है, खिलाड़ी को उसका फायदा उठाना चाहिए और खराब प्रदर्शन या पिछली गेंद को भूलकर अगली गेंद पर ध्यान देना चाहिए।
दूसरी तरफ श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने कोलंबो टेस्ट में ऐसी पारी खेली, जिसने भारत की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दिनुषा ने पहली पारी में 103 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में नाबाद 133 रन की शानदार पारी खेली और अपनी टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।
उनके इस प्रदर्शन के कारण श्रीलंका कोलंबो टेस्ट बचाने में सफल रहा। दिनुषा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। दिनुषा ने इस टेस्ट सीरीज में बल्ले से कमाल कर दिया। उन्होंने कुल 419 रन बनाए और उनका बल्लेबाजी औसत 140 का रहा। खास बात ये रही कि उन्होंने सीरीज में तीन शतक लगाए।
अवार्ड मिलने के बाद सोनल दिनुषा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी तैयारी, कोचिंग स्टाफ और परिवार को दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से पता था कि गाले और कोलंबो में पिच स्पिन गेंदबाजों की मदद करेगी। इसलिए उन्होंने ऐसी पिचों पर बल्लेबाजी करने के लिए खास तैयारी की थी।
दिनुषा ने अपनी पारी में निचले क्रम के बल्लेबाजों के योगदान की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने उनका अच्छा साथ दिया, जिससे उन्हें लंबे समय तक बल्लेबाजी करने और टीम के लिए जरूरी रन बनाने में मदद मिली।