चेतेश्वर पुजारा (फोटो-सोशल मीडिया)
Cheteshwar Pujara Birthday: मॉडर्न भारतीय टेस्ट टीम की सबसे मजबूत कड़ी और ‘द वॉल’ कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। धैर्य, संयम और मानसिक मजबूती की मिसाल रहे पुजारा ने अपनी बल्लेबाजी से न जाने कितनी बार भारतीय टीम की जीत की नींव रखी। क्रीज पर घंटों टिके रहना और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालना उनकी पहचान रहा, जिसके चलते उन्हें राहुल द्रविड़ के बाद भारतीय क्रिकेट का दूसरा ‘द वॉल’ कहा गया।
25 जनवरी 1988 को गुजरात के राजकोट में जन्मे चेतेश्वर पुजारा के क्रिकेटर बनने के पीछे उनके पिता अरविंद पुजारा का अहम योगदान रहा। अरविंद पुजारा खुद एक प्रथम श्रेणी क्रिकेटर और कोच रहे, जिनका देश के लिए खेलने का सपना अधूरा रह गया, लेकिन बेटे के रूप में उन्होंने उस सपने को साकार होते देखा।
बचपन से ही क्रिकेट को अपना लेने वाले पुजारा ने सौराष्ट्र की ओर से घरेलू क्रिकेट खेला और 2005 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली। यह वह दौर था जब राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज अपने करियर के अंतिम चरण में थे और भारत को नए भरोसेमंद बल्लेबाज की तलाश थी। पुजारा ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और जल्द ही टेस्ट टीम के नियमित व भरोसेमंद स्तंभ बन गए।
2010 से 2023 के बीच पुजारा ने भारत की टेस्ट सफलता में अहम भूमिका निभाई। खासकर विदेशी दौरों पर पुजारा एक छोर पर विकेट पर डटे रहते थे। 2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। चार टेस्ट मैचों में 521 रन बनाकर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण को थामे रखा और भारत की पहली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।
पुजारा की यादगार पारियों में नवंबर 2012 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ 206 रन, दिसंबर 2013 में जोहानसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 153 रन, 2017 में रांची टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 525 गेंदों पर खेली गई 202 रन की मैराथन पारी शामिल है। इसके अलावा दिसंबर 2018 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 123 और 71 रन, तथा 2021 में सिडनी में 77 और ब्रिसबेन में 56 रन की पारियां भी उनके जुझारूपन का प्रमाण हैं।
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अपने टेस्ट करियर में चेतेश्वर पुजारा ने 103 मैचों की 176 पारियों में 19 शतक और 35 अर्धशतकों की मदद से 7,195 रन बनाए। उनका औसत 43.60 रहा और सर्वोच्च स्कोर नाबाद 206 रन रहा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा उन्होंने काउंटी क्रिकेट में भी अपनी तकनीक और अनुभव से खास पहचान बनाई।
24 अगस्त 2025 को पुजारा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया, लेकिन टी20 क्रिकेट के इस तेज दौर में टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण उन्हें हमेशा खास बनाए रखेगा। चेतेश्वर पुजारा भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शुमार रहेंगे, जिन्होंने धैर्य और दृढ़ता से खेल की असली आत्मा को जिंदा रखा।