Blessing Muzarabani की PSL बैन पर एजेंसी का पलटवार, PCB से की प्रतिबंध हटाने की मांग
Blessing Muzarabani: ब्लेसिंग मुजरबानी की एजेंसी ने पीएसएल बैन को अनुचित बताते हुए कहा कि कोई आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं हुआ था। पीसीबी से प्रतिबंध हटाने की मांग की गई है।
- Written By: उज्जवल सिन्हा
ब्लेसिंग मुजरबानी (फोटो-सोशल मीडिया)
Blessing Muzarabani Agency Challenges PSL Ban: जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी की एजेंसी ने पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के खिलाफ आवाज उठाई है। एजेंसी का कहना है कि आईपीएल 2026 में केकेआर की टीम में शामिल होने से पहले उन्होंने पीएसएल का कोई आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया था। एजेंसी ने पीसीबी से मुजरबानी पर पीएसएल में लगाए प्रतिबंध को हटाने की मांग की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए बयान में मुजरबानी की एजेंसी ‘वर्ल्ड स्पोर्ट्स एक्सचेंज’ ने स्पष्ट किया कि मुजरबानी का किसी भी पीएसएल फ्रेंचाइजी के साथ कोई आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं हुआ था। हालांकि इस्लामाबाद यूनाइटेड ने 2026 सीजन के लिए उनसे संपर्क किया था, लेकिन यह अनुबंध सिर्फ प्रोविजनल था और जिम्बाब्वे क्रिकेट से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिलने पर निर्भर था, जिसके लिए सबसे पहले एक वैध, साइन किया हुआ अनुबंध जरूरी है।
पीएसएल ने ब्लेसिंग किया था संपर्क
एजेंसी ने कहा, “ब्लेसिंग से 2026 पीएसएल में खेलने के मौके के बारे में संपर्क किया गया था, जिसमें जिम्बाब्वे क्रिकेट से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलने पर डील पक्की हुई थी। पीएसएल से कॉन्ट्रैक्ट के बिना एनओसी नहीं मिल सकती। सार्वजनिक घोषणा के बावजूद कभी कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया गया। आप ऐसे कॉन्ट्रैक्ट को तोड़ नहीं सकते जो आपको कभी मिला ही नहीं।”
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पीएसएल के साथ जुड़ने के लिए नहीं था पक्का कॉन्ट्रैक्ट
ब्लेसिंग मुजरबानी की एजेंसी के मुताबिक, “जब मुजरबानी से 27 फरवरी को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने आईपीएल 2026 के लिए रिप्लेसमेंट साइनिंग के तौर पर संपर्क किया, तो उनके पास पीएसएल से जोड़ने वाला कोई पक्का अनुबंध नहीं था, और जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ने बिना किसी पेशेवर प्रतिबद्धता को तोड़े इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।”
एजेंसी ने बैन हटाने की मांग की
एजेंसी ने कहा, “हमें लगता है कि पीएसएल में हिस्सा लेने पर कोई भी बैन बहुत ज्यादा है और यह उन खिलाड़ियों को दी गई सजा के हिसाब से नहीं है जिन्होंने पहले कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा है। हम पीएसएल से अनुरोध करते हैं कि वे प्रतिबंध को शालीनता से हटा दें और इस स्थिति को वैसे ही स्वीकार करें जैसी यह है। यह उनकी तरफ से एक प्रशासनिक गलती है, और कुछ नहीं। हमें पीएसएल या इस्लामाबाद यूनाइटेड से कोई नाराजगी नहीं है।”
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पीसीबी के मुताबिक मुजरबानी को शुरू में पीएसएल में एक रिप्लेसमेंट साइनिंग के तौर पर चुना गया था, जिसकी डील कथित तौर पर पाकिस्तानी रुपये में 11 मिलियन (लगभग 37.4 लाख) थी। हालांकि, बाद में उन्होंने नाम वापस ले लिया और मुस्तफिजुर रहमान के विकल्प के रूप में आईपीएल की फ्रेंचाइजी केकेआर के साथ जुड़ गए। इसके बाद पीसीबी ने उनके खिलाफ एक्शन लेते हुए दो साल का बैन लगा दिया था।
