BCCI ने बॉम्बे हाई कोर्ट में रखा अपना पक्ष, OCI कार्डधारकों को नहीं मिलेगी घरेलू क्रिकेट में एंट्री
BCCI OCI Players Rule: बीसीसीआई ने बॉम्बे हाई कोर्ट में स्पष्ट किया है कि घरेलू क्रिकेट में केवल भारतीय नागरिकों को ही मौका मिलेगा। ये फैसला राष्ट्रीय टीम के चयन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
- Written By: सृष्टि मौर्य
सांकेतिक AI Generated Photo
BCCI Informs Bombay High Court: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बॉम्बे हाई कोर्ट में साफ कर दिया है कि ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को बोर्ड द्वारा आयोजित घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ये मामला 12 युवा क्रिकेटरों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिन्होंने बीसीसीआई के 2023 के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें ओसीआई और भारतीय मूल के विदेशी पासपोर्ट धारकों को घरेलू क्रिकेट से बाहर कर दिया गया था।
राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला
मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायाधीश गौतम अंखाद की न्यायपीठ के समक्ष बीसीसीआई ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय टीम में केवल भारतीय नागरिकों का चयन किया जाता है। इसी कारण घरेलू क्रिकेट में भी केवल भारतीय नागरिकों को खेलने की अनुमति दी जाती है। बोर्ड ने अदालत को बताया कि ये नियम भारतीय क्रिकेट की चयन प्रक्रिया और राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है।
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भारत में क्रिकेट का स्तर बहुत अधिक है- कोर्ट
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि अगर उनके पास दूसरे देश की नागरिकता है तो उनके लिए वहां क्रिकेट खेलने के बेहतर अवसर हो सकते हैं। अदालत ने ये भी कहा कि भारत में क्रिकेट का स्तर और प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है। हालांकि कोर्ट ने ये भी जोड़ा कि यदि खिलाड़ी भविष्य में भारतीय नागरिकता हासिल कर लेते हैं, तो वे भारत लौटकर यहां खेल सकते हैं।
कार्डधारकों के हिस्सा लेने की अनुमति थी
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि वे कई वर्षों से भारत में रह रहे हैं और उनके बच्चों को खेल तथा अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में समान अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओसीआई कार्डधारकों के बच्चों को घरेलू क्रिकेट से बाहर रखना भेदभावपूर्ण और अन्यायपूर्ण है। उनका कहना था कि बीसीसीआई का 2023 का फैसला मनमाना है, क्योंकि इससे पहले ओसीआई कार्डधारकों को घरेलू टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति थी।
आवेदन अभी तक लंबित हैं
इस पर बीसीसीआई ने जवाब दिया कि बोर्ड पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि यदि कोई ओसीआई कार्डधारक भारतीय नागरिकता प्राप्त कर लेता है तो उसके घरेलू क्रिकेट खेलने पर कोई रोक नहीं होगी। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर दिया है, लेकिन उनके आवेदन अभी तक लंबित हैं।
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अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को तय की है। अब इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका असर भविष्य में भारत में रहने वाले ओसीआई कार्डधारक युवा क्रिकेटरों के घरेलू क्रिकेट करियर पर पड़ सकता है।
