भारतीय दृष्टिबाधित टीम (फोटो-सोशल मीडिया)
BCCI Gives Strengthen Cricket For Blind: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शनिवार को भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट संघ (सीएबीआई) के लिए एक व्यापक और संरचित समर्थन ढांचे की घोषणा की। इस पहल के तहत दृष्टिबाधित क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, घरेलू श्रृंखलाओं में सहायता और स्टेडियम उपयोग जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
बीसीसीआई की यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत की दृष्टिबाधित क्रिकेट टीमों ने पिछले एक दशक में अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। पुरुष टीम ने विश्व कप जीता है, जबकि महिला टीम ने अपना पहला विश्व कप खिताब हासिल किया है। इस उपलब्धि ने भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट को वैश्विक पहचान दिलाई है और खिलाड़ियों के प्रयासों को सराहा गया है।
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने इस अवसर पर कहा, “भारत के दृष्टिबाधित क्रिकेटरों की उपलब्धियां हमारे क्रिकेट समुदाय के लिए गर्व का विषय हैं। इस संरचित समर्थन के माध्यम से हम खिलाड़ियों के लिए अवसर, बुनियादी ढांचा और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। खेल के लिए हमारा विजन समावेशिता पर आधारित है और हमें उम्मीद है कि यह पहल टीमों को आत्मविश्वास के साथ श्रेष्ठता हासिल करने में मदद करेगी। इसके अलावा यह कई युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।”
अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर – पुरुष और महिला टीमों को साल में दो बार विदेश में टूर्नामेंट खेलने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा और व्यवस्था में सहयोग।
घरेलू श्रृंखला सहायता – भारत में होने वाली द्विपक्षीय श्रृंखलाओं के दौरान मेजबान और विदेशी टीमों के लिए ठहरने और सुविधाओं का बंदोबस्त।
स्टेडियमों का इस्तेमाल – बीसीसीआई से मान्यता प्राप्त स्टेडियमों का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए उपयोग। जिससे खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा मैच खेल सके।
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इस पहल का उद्देश्य न केवल दृष्टिबाधित क्रिकेटरों के खेल के अनुभव को बेहतर बनाना है, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करना और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना भी है। बीसीसीआई की यह योजना भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट की लंबी अवधि की स्थिरता और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।