वो गेंदबाज जिन्होंने बिना रन दिए फेंकी थी 131 गेंद, पिच पर सिक्का रख करते करते थे गेंदबाजी; जानें उनकी कहानी
Bapu Nadkarni: बापू नाडकर्णी भारतीय क्रिकेट के महान ऑलराउंडर थे, जिन्होंने सटीक गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी से पहचान बनाई। उनका 21.5 ओवर का मेडन स्पेल आज भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
- Written By: उज्जवल सिन्हा
बापू नाडकर्णी (फोटो-सोशल मीडिया)
Bapu Nadkarni Birthday: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनकी महानता आंकड़ों से कहीं ज्यादा उनकी शैली और प्रभाव में झलकती है। बापू नाडकर्णी उन्हीं चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्होंने अपने खेल से क्रिकेट को एक नई परिभाषा दी। बापू नादकर्णी एक ऐसे ही खिलाड़ी रहे जिन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए गेंद और बल्ले से उस दौर में टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन किया जब भारतीय क्रिकेट टीम एक युवा टीम मानी जाती थी।
बापू नाडकर्णी का जन्म 4 अप्रैल 1933 को नासिक में हुआ था। उनका पूरा नाम रमेशचंद्र गंगाराम ‘बापू’ नाडकर्णी था। नाडकर्णी को क्रिकेट बचपन से पसंद था। वह मूल रूप से एक गेंदबाज थे, लेकिन कड़ी मेहनत की बदौलत अपनी बल्लेबाजी से भी उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छाप छोड़ी। उनकी मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेट्स में अभ्यास के दौरान वह पिच पर एक सिक्का रखकर गेंदबाजी करते थे और हर गेंद को उसी पर डालने की कोशिश करते थे। यही अभ्यास उनकी अद्भुत लाइन-लेंथ और सटीकता की नींव बना।
1955 में भारत के लिए किया था डेब्यू
बापू नाडकर्णी ने दिसंबर (16 से 21 दिसंबर) 1955 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच दिल्ली में खेला था। न्यूजीलैंड के खिलाफ ही ऑकलैंड में (7 से 12 मार्च तक) 1968 में अपना आखिरी टेस्ट खेला था। 13 साल के करियर में बाएं हाथ से बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी करने वाले नाडकर्णी ने भारत के लिए 41 टेस्ट खेले। 67 पारियों में 1 शतक और 7 अर्धशतक की मदद से 1,414 रन और 88 विकेट उनके नाम दर्ज हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Team India में सूर्यकुमार यादव की जगह लेंगे वैभव सूर्यवंशी! BCCI की बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयारी हुई शुरू
एशियाई खेलों कप्तानी नहीं करेंगे सूर्यकुमार, लक्ष्मण होंगे टीम के हेड कोच, 30 खिलाड़ियों की लांग लिस्ट तैयार
अब चश्मा लगाकर घूम नहीं सकेंगे क्रिकेटर्स… BCCI ने IPL फाइनल से पहले लिया बड़ा फैसला, बताई ये वजह
Pankaj Kapur Birthday: अभिनय को कला मानते थे पंकज कपूर, एक-एक डायलॉग पर करते थे घंटों मेहनत
उनकी सबसे बड़ी पहचान 12 जनवरी 1964 को मद्रास (अब चेन्नई) में बनी। इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला गया वह ऐतिहासिक स्पेल, जिसमें उन्होंने लगातार 21.5 ओवर (131 गेंदें) बिना कोई रन दिए फेंक दिए। यह रिकॉर्ड आज भी क्रिकेट इतिहास में अनुशासन और नियंत्रण की मिसाल के रूप में याद किया जाता है। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने मुंबई क्रिकेट टीम और महाराष्ट्र क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 191 प्रथम श्रेणी मैचों में 8,880 रन और 500 विकेट हासिल किए।
यह भी पढ़ें: ‘टॉप ऑर्डर के प्रदर्शन…’, Kuldeep Yadav ने दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजों को लेकर दिया बड़ा बयान
सुनील गावस्कर के मेंटर रहे थे Bapu Nadkarni
बापू नाडकर्णी का प्रभाव केवल मैदान तक ही सीमित नहीं था। वह भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर के मेंटर भी रहे। गावस्कर ने उनके निधन पर कहा था कि नाडकर्णी का पसंदीदा वाक्य था “छोड़ो मत”, जिसका मतलब था कि भारत के लिए खेलते हुए कभी हार मत मानो।
17 जनवरी 2020 को Bapu Nadkarni का हुआ था निधन
17 जनवरी 2020 को पुणे में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी विरासत आज भी हर उस खिलाड़ी को प्रेरित करती है जो मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर क्रिकेट में अपनी पहचान बनाना चाहता है।
