

Sunil Gavaskar on Foreign Players in IPL: आईपीएल 2026 के आगाज से पहले सभी 10 टीमें अपने-अपने कैंप में जमकर तैयारी कर रही हैं। खिलाड़ी फिटनेस, रणनीति और टीम कॉम्बिनेशन पर काम कर रहे हैं। हालांकि, कई खिलाड़ी चोट की वजह से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जो पूरी तरह फिट नहीं होने के चलते शुरुआती मुकाबलों में हिस्सा नहीं लेंगे। इसी मुद्दे को लेकर अब पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने नाराजगी जताई है।
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड, पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क जैसे बड़े नाम शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इन खिलाड़ियों के वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए उन्हें सीमित मैच खेलने की अनुमति दे रहा है। लेकिन इस फैसले ने फ्रेंचाइजी और फैंस दोनों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि टीम की रणनीति ऐसे खिलाड़ियों पर ही टिकी होती है।
सुनील गावस्कर ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी और खिलाड़ियों के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हमें पहले से ही कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जानकारी मिल रही है जो विभिन्न कारणों से उपलब्ध नहीं होंगे, और इनमें से किसी भी कारण की जानकारी उन्हें फ्रेंचाइजी द्वारा चयन से पहले नहीं दी गई थी। जब तक फ्रेंचाइजी मालिक सख्त रुख नहीं अपनाते और इन खिलाड़ियों को टीम से बाहर नहीं करते, तब तक खिताब जीतने के उनके प्रयासों में बाधा आएगी. टीम बनाने की सारी योजना तब धरी की धरी रह जाती है जब खिलाड़ी अपनी मर्जी से कभी भी आने का फैसला करते हैं." उन्होंने साफ तौर पर संकेत दिया कि खिलाड़ियों की इस तरह की अनिश्चितता टीम के प्रदर्शन पर बड़ा असर डाल सकती है।
गावस्कर ने आगे फ्रेंचाइजी की मेहमाननवाजी का जिक्र करते हुए कहा, "फ्रेंचाइजी के मालिक अपने खिलाड़ियों को सुविधा देने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं, अक्सर उनके परिवारों को खिलाड़ियों के साथ समय बिताने के लिए आने का खर्च उठाते हैं, और यह सब करोड़पति खिलाड़ियों पर कोई बोझ नहीं पड़ता। यह भारतीय तरीका और आतिथ्य सत्कार है, जिसे अक्सर कुछ लोग अपना अधिकार समझ लेते हैं और फिर इसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।" उनके इस बयान से साफ है कि वह खिलाड़ियों की इस मानसिकता से खुश नहीं हैं।
आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। गावस्कर के बयान ने खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी दोनों को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि लीग को हल्के में लेना किसी के लिए भी सही नहीं होगा।