सिर्फ रफ्तार नहीं दिगाम भी लगाना होगा...एशेज सीरीज से पहले जेम्स एंडरसन ने इंग्लिश पेसर्स को चेताया

ENG vs AUS: एशेज 2025 से पहले, दिग्गज जेम्स एंडरसन ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों को चेताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया में सिर्फ तेज रफ्तार से काम नहीं चलेगा।
सिर्फ रफ्तार नहीं दिगाम भी लगाना होगा... एशेज सीरीज से पहले जेम्स एंडरसन ने इंग्लिश पेसर्स को चेताया
जेम्स एंडरसन (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Ashes Series: इंग्लैंड क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाजों में से एक जेम्स एंडरसन ने आगामी एशेज सीरीज से पहले अपनी टीम के पेस अटैक को एक गंभीर संदेश दिया है। 21 नवंबर से पर्थ में शुरू होने वाली एशेज 2025 से पहले, एंडरसन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऑस्ट्रेलिया को परेशान करने के लिए केवल तेज गति काफी नहीं होगी। पांच टेस्ट मैचों की यह सीरीज इंग्लैंड के लिए एक बड़ी चुनौती है, खासकर जब वे जोफ्रा आर्चर, मार्क वुड और जोश टंग जैसे तेज गति वाले गेंदबाजों पर निर्भर रहेंगे।

एंडरसन ने बताया सफलता का मंत्र

43 वर्षीय एंडरसन, जो 2002-03 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया में एशेज का हिस्सा नहीं होंगे, उन्होंने बीबीसी के टेलेंडर्स पॉडकास्ट पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पिचों में गति तो थोड़ी होगी, लेकिन सफलता की कुंजी तेज गति के साथ-साथ सटीकता (Accuracy) में भी निहित है। उनके अनुसार, हाल के ऑस्ट्रेलियाई दौरों ने यह दिखाया है कि यहां की परिस्थितियों में अनुशासित और नियंत्रित गेंदबाजी अभी भी सबसे ज्यादा मायने रखती है। सिर्फ रफ्तार के भरोसे रहना घातक साबित हो सकता है।

बेन स्टोक्स पर रहेगी सबकी निगाह

जेम्स एंडरसन का मानना ​​है कि कप्तान बेन स्टोक्स इंग्लैंड की गेंदबाजी योजनाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। उन्होंने स्टोक्स को टीम का एकमात्र ऐसा गेंदबाज करार दिया जो लगातार लंबे और नियंत्रित स्पेल फेंकने की क्षमता रखता है। हालांकि, स्टोक्स के जटिल चोटों के इतिहास को देखते हुए, यह एक चिंता का विषय बना हुआ है। जैसे-जैसे सीरीज आगे बढ़ेगी, अगर स्टोक्स अपनी क्षमता के अनुरूप गेंदबाजी नहीं कर पाते हैं, तो यह इंग्लैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण की धार को कम कर सकता है।

निरंतरता ही दिलाएगी खिताब

दिग्गज पेसर ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि अगर इंग्लैंड प्रबंधन आर्चर और वुड को एक साथ खिलाने का मन बनाता है, तो पर्थ की पिच इसके लिए सबसे सही जगह है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि सीरीज के अंत में टीम में नए गेंदबाजों का आना तीव्रता बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक होगा। एंडरसन ने बैकअप तेज गेंदबाजों की गति और नियंत्रण दोनों की प्रशंसा की, जो इंग्लैंड को लंबे और कठिन दिनों में संतुलन प्रदान करेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एशेज में जीत हासिल करने के लिए इंग्लैंड को पांचों मैचों में गेंद से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा, न कि सिर्फ कुछ मौकों पर। एंडरसन का मानना ​​है कि यही निरंतरता तय करेगी कि क्या इंग्लैंड 2018 से ऑस्ट्रेलिया के पास मौजूद एशेज खिताब को वापस हासिल करने में सफल हो पाएगा या नहीं।

दोनों टीमों के स्क्वॉड पर एक नजर

ऑस्ट्रेलिया (पहले टेस्ट के लिए): स्टीव स्मिथ (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, ब्रेंडन डॉगेट, कैमरन ग्रीन, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिश, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, माइकल नेसर, मिचेल स्टार्क, जेक वेदरल्ड, ब्यू वेबस्टर।

इंग्लैंड: बेन स्टोक्स (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, शोएब बशीर, जैकब बेथेल, हैरी ब्रुक, ब्रायडन कार्स, जैक क्रॉली, बेन डकेट, विल जैक्स, ओली पोप, मैथ्यू पॉट्स, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, मार्क वुड।

Navbharat Live
navbharatlive.com