युजवेंद्र चहल-धनश्री तलाक मामले पर आज बॉम्बे हाइकोर्ट सुनाएगा फैसला, क्या होगा 4.75 करोड़ में सेटलमेंट!
आज बॉम्बे हाईकोर्ट ने युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा की तलाक याचिका पर आज फैसला करेगी। हाईकोर्ट ने बीते बुधवार को ने इस केस में 6 महीने का कूलिंग ऑफ पीरियड भी माफ कर दिया है।
- Written By: राहुल गोस्वामी
युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा (सोर्स- सोशल मीडिया)
मुंबई: आज यानी 20 मार्च गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा की तलाक याचिका पर आज फैसला करेगी। हाईकोर्ट ने बीते बुधवार को क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी अलग रह रही पत्नी धनश्री वर्मा द्वारा तलाक की याचिका दायर करने के बाद कानूनी रूप से अनिवार्य छह महीने की अवधि से छूट देते हुए कुटुम्ब अदालत को आज यानी गुरुवार तक उनकी तलाक अर्जी पर फैसला करने का निर्देश दिया था।
जानकारी दें कि, हाईकोर्ट बार एंड बेंच वेबसाइट के मुताबिक, बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस केस में 6 महीने का कूलिंग ऑफ पीरियड भी माफ कर दिया है। बता दें कि दोनों कपल काफी समय से अलग रह रहे हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश देते वक्त य़ह भी कहा कि पिछले ढाई साल से दोनों अलग-अलग रह रहे हैं और 4.75 करोड़ में सेटलमेंट की बातचीत भी हो चुकी है।
देश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
सम्बंधित ख़बरें
ICC T20 रैंकिंग में बड़ा उलटफेर: अभिषेक शर्मा को पछाड़कर नंबर वन बने ईशान किशन, बुमराह व गिल का भी जलवा
बारिश में धूल गया इंडिया vs इंग्लैंड T20 सीरीज का पहला मुकाबला, अभिषेक-अय्यर की मेहनत पर फिरा पानी!
Asian Games 2026: टीम इंडिया में चंडीगढ़ की इस जांबाज खिलाड़ी की एंट्री, भारत को करेगी रिप्रेजेंट!
IND vs ENG 1st T20: आयरलैंड का जख्म भूल इंग्लैंड पर पलटवार करने उतरेगी टीम इंडिया, वैभव सूर्यवंशी पर नजर
चहल और धनश्री वर्मा ने इस साल 5 फरवरी को एक पारिवारिक अदालत में तलाक की याचिका दायर की थी। उन्होंने आपसी सहमति से तलाक होने के कारण कूलिंग ऑफ अवधि को माफ करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी।
बीते बुधवार को जस्टीस माधव जमदार की एकल बेंच ने कहा था कि चहल आगामी 21 मार्च से उपलब्ध नहीं होंगे क्योंकि उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेना है। चहल और वर्मा ने इस साल पांच फरवरी को यहां एक कुटुम्ब अदालत में तलाक की याचिका दायर की थी। चहल और उनकी अलग रह रही पत्नी ने आपसी सहमति से तलाक लेने के कारण कानूनी रूप से अनिवार्य छह महीने की अवधि को माफ करने का अनुरोध करते हुए एक याचिका दायर की थी।
खेल की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
हालांकि, फिर बीते 20 फरवरी को कुटुम्ब अदालत ने इससे छूट देने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों ने कुटुम्ब अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। हिंदू विवाह अधिनियम के तहत, तलाक दिए जाने से पहले हर जोड़े को छह महीने की इस अवधि को पूरा करना पड़ता है। जस्टीस जामदार ने याचिका मंजूर करते हुए कहा, ‘‘चूंकि याचिकाकर्ता नंबर-1 (चहल) को IPL में भाग लेना है, इसलिए वकील ने बताया है कि वह 21 मार्च के बाद उपलब्ध नहीं हो सकते हैं। इसलिए कुटुम्ब अदालत से अनुरोध है कि वह आज यानी 20 मार्च तक उनकी तलाक याचिका पर फैसला करे।”
(एजेंसी इनपुट के साथ)
