अर्चना कामथ ने टेबल टेनिस छोड़ने का लिया फैसला, पेरिस ओलंपिक में रचा था इतिहास
टेनिस खिलाड़ी अर्चना कामथ ने खेल से दूरी बनाने की ठान ली है। उन्होंने टेबल टेनिस को पढ़ाई के लिए छोड़ दिया है। वह अब अपना पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर लगना चाहती हैं। उनके इस फैसले ने सबको चौंका दिया है।
- Written By: मृणाल पाठक
अर्चना कामथ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: पेरिस ओलंपिक का समापन 11 अगस्त को हो गया है। इस खेलों के महाकुंभ में भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी अर्चना कामथ ने भी हिस्सा लिया था। लेकिन अब उन्होंने खेल से दूरी बनाने की ठान ली है। उन्होंने टेबल टेनिस को पढ़ाई के लिए छोड़ दिया है। वह अब अपना पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर लगना चाहती हैं। उनके इस फैसले ने सबको चौंका दिया है।
दरअसल, अर्चना कामथ के इस फैसले ने इसलिए भी सबको हैरान कर दिया है कि पेरिस ओलंपिक में उन्होंने शानदार खेल दिखाया था। भारत पहली बार ओलंपिक में टेबल टेनिस के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुआ था। हालांकि क्वार्टरफाइनल में भारत को जर्मनी से हार का सामना करना पड़ा था, इस दौरान अर्चना कामथ ही केवल ऐसी पैडलर थीं, जिन्होंने एक गेम जीता था।
🚨 Indian star player Archana Kamath quits table tennis to pursue economics at the University of Michigan due to a lack of financial and monetary returns in sport. pic.twitter.com/xIxNqMj5V7 — Indian Tech & Infra (@IndianTechGuide) August 22, 2024
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अर्चना कामथ ने लिया टेबल टेनिस छोड़ने का फैसला
ऐसे में अब 24 साल की अर्चना कामथ ने 2028 में लॉस एंजिल्स खेलों में पदक की कोई गारंटी नहीं होने की वजह से अपने पेशेवर रूप से टेबल टेनिस छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने पेरिस से लौटने के बाद अपने कोच अंशुल गर्ग से अगले खेलों में पदक जीतने को लेकर ईमानदार बातचीत की थी। अर्चना के रुख से स्तब्ध कोच ने ईमानदारी से जवाब देने का फैसला किया।
कोच ने कही ये बात
कोच ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि ‘मैंने उनसे कहा कि यह मुश्किल है। इसमें बहुत मेहनत लगेगी। वह दुनिया में शीर्ष 100 से बाहर हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों में उन्होंने बहुत सुधार किया है। लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने जाने का मन पहले ही बना लिया था और एक बार जब वह अपना मन बना लेती है, तो इसे बदलना मुश्किल होता है।’
मैं पढ़ाई में अच्छी हूं- अर्चना
वहीं, अर्चना ने कहा, ‘मेरा भाई नासा में काम करता है। वह मेरे आदर्श हैं और वह भी मुझे पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इसलिए मैं पढ़ाई पूरी करने के लिए समय निकाल रही हूं और मैं इसका आनंद ले रही हूं। मैं भी पढ़ाई में अच्छी हूं।’
चयन पर हुई बहस
जानकारी के लिए बता दें कि पेरिस ओलंपिक्स में अर्चना के चयन पर भी काफी विवाद हुआ था। अर्चना कामथ को अहिका मुखर्जी पर तरजीह दी गई थी, जिन्होंने विश्व नंबर-1 सुन यिंगशा को पहले मात दी थी। हालांकि अर्चना ने इस विवाद को नजरअंदाज करते हुए अपने खेल पर ध्यान दिया।
