21 साल बाद वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची अनाहत सिंह, इतिहास रचने से एक जीत दूर

Anahat Singh Reaches Finals: भारत की स्टार खिलाड़ी अनाहत सिंह वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में पहुंच गई हैं। 21 साल बाद ये उपलब्धि हासिल करने वाली वो पहली भारतीय बनीं।
Anahat Singh reaches the World Junior Squash Championship final after 21 years; one win away from making history.
अनाहत सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Anahat Singh Reaches World Junior Squash Championship Final: भारत की नंबर वन स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2026 वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में उन्होंने मिस्र की बार्ब सामेह को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही अनाहत 21 साल बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।

अनाहत के पास सुनहरा मौका

अनाहत से पहले 2005 में जोशना चिनप्पा ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई थी। अब अनाहत के पास भारत की पहली जूनियर विश्व चैंपियन बनने का सुनहरा मौका है।

अनाहत की शानदार शुरुआत

सेमीफाइनल मुकाबले में अनाहत ने पहले गेम में 11-3 की एकतरफा जीत दर्ज कर शानदार शुरुआत की। हालांकि तीसरे-चौथे वरीयता प्राप्त बार्ब सामेह ने दूसरा गेम 11-8 से जीतकर मुकाबले में वापसी की। इसके बाद भारतीय स्टार ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए लगातार तीसरा गेम 11-4 और चौथा गेम 11-6 से जीतकर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

अनाहत ने क्या कहा?

जीत के बाद अनाहत ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं। कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में भी मेरा बार्ब के खिलाफ करीबी मुकाबला हुआ था, इसलिए मुझे पता था कि यहां अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा। कल मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाई थी, इसलिए आज खुद को साबित करना चाहती थी।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैंने चार वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप खेली हैं। पहले क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल में हार मिली थी। फाइनल में पहुंचकर मेरे माता-पिता और कोच बेहद खुश हैं, लेकिन टूर्नामेंट अभी खत्म नहीं हुआ है।'

मिस्र की रुकय्या सालेम से होगा सामना

अब आज होने वाले खिताबी मुकाबले में अनाहत का सामना मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकय्या सालेम से होगा। सालेम ने सेमीफाइनल में अपनी ही देश की मलिका एलकराक्सी को 11-5, 11-9, 7-11, 11-9 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

सालेम ने पिछले साल इस चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाने की निराशा के बाद इस उपलब्धि को बेहद खास बताया। अनाहत सिंह के पास आज इतिहास रचते हुए वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का अवसर है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com