Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

निशानेबाज: सत्ता के लिए मची कुर्सी की हाय-हाय, कोई नहीं करता इसे बाय-बाय

जाहिर है कि अजीत ने मुंडे की कुर्सी के कवच की भूमिका निभाई है। कुर्सी कोई नहीं छोड़ना चाहता। उसके भीतर प्रिरंग के तार या फोम नहीं बल्कि भय की ऊर्जा भरी रहती है।

  • Written By: मृणाल पाठक
Updated On: Jan 08, 2025 | 01:19 PM

कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

नवभारत डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘‘निशानेबाज, कुर्सी राजसत्ता का प्रतीक है। कोई नेता कुर्सी नहीं छोड़ना चाहता। उसके छूटते ही वह खुद को टूटा हुआ और बेजान महसूस करता है। छगन भुजबल इसलिए दुखी हैं कि उन्हें मंत्री पद की कुर्सी नहीं मिली। मस्साजोग के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के सिलसिले में महाराष्ट्र के खाद्य व नागरी आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे को हटाने की मांग विपक्षी पार्टियों ने राज्यपाल से की है लेकिन मुंडे कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने भी कह दिया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, मुंडे के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।’’

पड़ोसी ने कहा, ‘‘जाहिर है कि अजीत ने मुंडे की कुर्सी के कवच की भूमिका निभाई है। कुर्सी कोई नहीं छोड़ना चाहता। उसके भीतर प्रिरंग के तार या फोम नहीं बल्कि भय की ऊर्जा भरी रहती है। मंत्री डरता है कि कुर्सी चली गई तो उसे कौन पूछेगा? इतिहास की समूची काल-सूची स्वर्णमंडित कुर्सियों की लोलुप आकांक्षाओं से भरी पड़ी है। अजातशत्रु ने अपने पिता बिंबिसार को बंदी बनाकर स्वयं का राजतिलक करवाया था। कुर्सी के लिए सम्राट अशोक ने अपने भाइयों को मौत के घाट उतारा था।”

पड़ोसी ने कहा, ‘‘कंस ने अपने पिता उग्रसेन को तथा औरंगजेब ने अपने पिता शाहजहां को जेल में डाल दिया था। लोकतंत्र की कुर्सी पर बैठते ही कुछ नेता तानाशाह के समान मदमस्त आचरण करने लगते हैं। कुर्सी का नशा ही ऐसा होता है। अन्ना हजारे ने अपने शिष्य केजरीवाल को राजनीति के अरण्य में प्रवेश करने से मना किया था लेकिन सत्तासुंदरी के आकर्षण में केजरी कुर्सी पर जा बैठे। कुर्सी की मादकता में खुद को जनसेवक कहनेवाले नेता सत्ता के स्वामी बन जाते हैं।’’

सम्बंधित ख़बरें

Maharashtra Political Crisis: संजय राउत की भविष्यवाणी, शिंदे गुट और NCP के 50 विधायक थामेंगे BJP का हाथ?

राकां में फिर विलय की चर्चा तेज, पवार परिवार की भूमिका अहम, दिल्ली में होंगे बड़े फैसले

जालना चुनाव मामला: कैलाश गोरंट्याल को झटका, अर्जुन खोतकर की जीत को चुनौती देने वाली याचिका HC ने की खारिज

फिर निकला NCP के विलय का भूत, सुनील तटकरे ने कहा-विलय की जानकारी थी पर समय…

नवभारत विशेष से संबंधित ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

हमने कहा, ‘‘कुर्सी पाने के बाद उसे बचाए रखने की चिंता लगी रहती है। छोटी कुर्सी वाला हमेशा बड़ी कुर्सी पाने की चाहत रखता है। जब समय प्रतिकूल रहता है तो सत्ता का पावर मुट्ठी में भरी रेत के समान खिसक जाता है। कुर्सी किसी की सगी नहीं होती। कल उस पर कोई और था, आज दूसरा विराजमान है, भविष्य में कोई और बैठेगा। यही है किस्सा कुर्सी का!’’

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

There is hue and cry for chair of power no one says bye bye to it maharashtra politics

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 08, 2025 | 01:19 PM

Topics:  

  • Ajit Pawar
  • Maharashtra Politics

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.