शरद पवार Vs सुनेत्रा पवार (सौ. सोशल मीडिया )
NCP Merger Talks Pawar Family Delhi Meeting: एक राजनीतिक इंटरवल के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकां) के दोनों गुटों के विलय की चर्चा फिर से तेज हो गई है।
इस चर्चा ने उस वक्त जोर पकड़ा, जब पूर्व डीसीएम अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार गुट ने दावा किया कि विमान हादसे से पहले राकां के दोनों गुटों के विलय को लेकर तत्कालीन डीसीएम अजित पवार के साथ सारी बातचीत फाइनल हो गई थी और 12 फरवरी को खुद अजित इसका औपचारिक ऐलान करने वाले थे लेकिन इससे पहले अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे में मौत हो गई।
हालांकि इस हादसे के बाद प्रफुल पटेल व सुनील तटकरे ने विलय की बातों को खारिज करते हुए बीजेपी के साथ एनडीए में रहने का फैसला किया लेकिन अब फिर से बर्फ पिघलने लगी है। सूत्रों के मुताबिक अजित के परिवार ने अपने घर के मुखिया शरद पवार की शरण में जाने का फैसला किया है।
डीसीएम सुनेत्रा पवार के साथ उनके दोनों बेटे पार्थ व जय को लगता है कि अगर महाराष्ट्र की धुरंधर राजनीति में उन्हें टिके रहना है तो फिर शरद पवार का मार्गदर्शन जरूरी है। ऐसी रिपोर्ट है कि राकां के दोनों गुट एक होंगे और नेशनलिस्ट कांग्रेस फ्रंट नामक से एक नई पार्टी बनेगी जिसका चुनाव चिन्ह घड़ी होगा। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक घोषणा से पहले राकां के दोनों गुटों के विलय को लेकर कई मुद्दों को फाइनल किया जाएगा।
अजित पवार के निधन के बाद राकां में जिस तरह से कुछ नेता सारे फैसले को कंट्रोल कर रहे थे उससे सुनेत्रा पवार के परिवार को लग रहा था कि कहीं पार्टी उनके हाथ से न निकल जाए। यही वजह है कि सुनेत्रा पवार का परिवार चाहता है कि पार्टी का मार्गदर्शन सबसे सीनियर सदस्य शरद पवार ही करें, ताकि पवार परिवार का दबदबा बना रहे।
राकां के दोनों गुटों के विलय की गहमागहमी के बीच डीसीएम सुनेत्रा पवार बीजेपी के आला नेताओं से बातचीत करने के लिए बुधवार को दिल्ली पहुंचीं। सूत्रों के मुताबिक सुनेत्रा वहां पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगी। ऐसी रिपोर्ट है कि इस दौरान सुनेत्रा, राकां के दोनों गुटों के विलय के प्लान को लेकर बीजेपी नेताओं से अहम चर्चा करेंगी। साथ ही वे अजित पवारके विमान हादसे की जांच सीबीआई से कराए जाने को लेकर भी केंद्रीय मंत्री शाह से फिर से अपील करेंगी।
बुधवार रात एनसीपी द्वारा निर्वाचन आयोग को भेजे गए नामों में पद का उल्लेख न होने के कारण दावा किया जा रहा है कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पदमुक्त कर दिया गया है। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी के नए फ्रंट में सुप्रिया सुले का राजनीतिक कद बढ़ने की संभावना है।
ये भी पढ़ें :- महाराष्ट्र में प्याज के दामों में भारी गिरावट, किसानों ने एमआईएस लागू करने की मांग तेज की
बारामती सीट से सुनेत्रा पवार उपचुनाव लड़ने वाली हैं। सीएम के अलावा सुप्रिया सुले ने वर्तमान हालात को देखते हुए सभी से निर्विरोध चुनाव की अपील की है लेकिन ऐसी रिपोर्ट है कि 3 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है।